कबाड़ समझकर बेचा 1.5 लाख का लिफाफा, कबाड़ी की ईमानदारी ने लौटाई रकम

जलालाबाद/चंडीगढ़.

जलालाबाद में एक युवक की मां ने उसके डेढ़ लाख रुपयों को कबाड़ समझ कर कबाड़ी को बेच दिए। यह रकम युवक ने डेढ़ साल की मेहनत से जमा की थी। हालांकि, तीन अलग-अलग हाथों से गुजरने के बाद यह पैसे युवक को वापस मिल गए। यह घटना जलालाबाद के गांव फलियावाला से सामने आई है।

गांव कमरेवाला का रहने वाला युवक सोनू एक शेलर में काम करता है। उसने चोरी के डर से अपनी डेढ़ साल की कमाई, कुल डेढ़ लाख रुपए, सूखी रोटियों के एक थैले में छिपाकर रखे थे। आज जब युवक काम पर गया हुआ था, तो उसकी मां ने एक फेरीवाले राजकुमार को कबाड़ के साथ वह थैला भी बेच दिया, जिसमें डेढ़ लाख रुपए रखे थे। फेरीवाले ने आगे यह सामान तीर्थ नामक बड़े कबाड़ी को बेचा, जिसने फिर सूखी रोटियों वाले थैले को दूध डेरी वाले पप्पू बैटरी वाले को बेच दिया।

जब नौजवान घर लौटा और उसने अपनी मां से सूखी रोटियों के थैले के बारे में पूछा, तो मां ने बताया कि उन्होंने फेरीवाले को बेच दिया है। यह सुनकर सोनू हैरान रह गया और उसने तुरंत कबाड़ी की तलाश शुरू कर दी। युवक की तलाश के बाद वह कबाड़ी तक पहुंचा और अपनी पूरी बात बताई। कबाड़ी ने पप्पू बैटरी वाले से रोटियों वाला थैला वापस लाकर ईमानदारी दिखाते हुए डेढ़ लाख रुपए युवक को वापस लौटा दिए।

बड़ी बात ये रही कि तीन जगह बाइक कैश वाले थैले को किसी ने भी खोलकर नहीं देखा । गांव मोहकम अराईया के सरपंच परमिंदर सिंह ने इस अनोखे मामले की पुष्टि की है। हालांकि इसके बाद नौजवान भावुक हुआ और कहता कि मैंने ईंटें उठा-उठा पैसे जोड़ थे। यह मेरी मेहनत की कमाई है जो वापस लौट आई है।

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