प्रदेश में पेट्रोल पंपों की होगी जांच, अनावश्यक बंद रखने पर होगी सख्त कार्रवाई

 भोपाल
प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब पेट्रोल पंपों को भी जांच के दायरे में लाया गया है और बिना कारण बंद रखने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की जा चुकी है। इस दौरान 2,933 गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं और नौ मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 391 पेट्रोल पंपों की जांच में एक प्रकरण दर्ज किया गया है।

पेट्रोल पंप बंद रखने पर सख्ती
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी की जाए। यदि कोई पंप बिना उचित कारण बंद पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों को विशेष रूप से इस पर नजर रखने को कहा गया है।

ईंधन का पर्याप्त भंडार
सरकार के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। देश में कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट घरेलू और व्यावसायिक गैस की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय तक संचालन कर रहे हैं।

पीएनजी कनेक्शन के लिए कंट्रोल रूम
प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस कंपनियों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। यहां उपभोक्ता अपनी शिकायतें और मांग दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से कंपनियों को आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है।

उपभोक्ताओं को राहत का दावा
सरकार का कहना है कि सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन से उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। साथ ही कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

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