मन की बात कार्यक्रम में पीएम मोदी ने जल संचयन और मछुआरों के मुद्दों पर दिया जोर

बिहार

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात के जरिए एक बार फिर राष्ट्र को संबोधित किया। इस विशेष संबोधन को सुनने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यालयों में नेताओं और कार्यकर्ताओं का तांता लगा रहा। बिहार सरकार के उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी भाजपा कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के विचारों को सुना और इस कार्यक्रम की महत्ता पर प्रकाश डाला।

देश की समस्याओं और उपलब्धियों का प्रतिबिंब
​उद्योग मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि मन की बात केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की चुनौतियों और गौरवशाली उपलब्धियों पर चर्चा का एक सशक्त मंच है। उन्होंने साझा किया कि भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता पूरे महीने इस संबोधन का बेसब्री से इंतजार करते हैं क्योंकि इसमें जमीनी मुद्दों को वैश्विक मंच मिलता है। इस बार प्रधानमंत्री ने वॉटर हार्वेस्टिंग (जल संचयन) की आवश्यकता और मछुआरों की समस्याओं पर विशेष जोर दिया, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

वैश्विक संकट और भारत की एकजुटता
​मिडल ईस्ट (मध्य पूर्व) में उपजे वर्तमान भू-राजनीतिक संकट पर बात करते हुए दिलीप जायसवाल ने कहा कि पूरी दुनिया इस समय अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब भी देश के सामने ऐसी बाहरी चुनौतियां आती हैं, भारत के नागरिक अपनी वैचारिक भिन्नताओं को भूलकर एकजुट हो जाते हैं। संकट के समय देश की यह एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

पश्चिम बंगाल चुनाव और ममता सरकार पर प्रहार
​पश्चिम बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर तंज कसते हुए उद्योग मंत्री ने ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि बंगाल में अब तक आतंक और धांधली के बल पर सत्ता हासिल की जाती रही है। उन्होंने कहा कि पहले आम लोगों को वोट देने से रोका जाता था, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। जायसवाल के अनुसार, ममता बनर्जी की वर्तमान मनोदशा यह संकेत दे रही है कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन के मूड में है और वहां तृणमूल कांग्रेस की वापसी की संभावनाएं धूमिल हो रही हैं।

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