गोरखपुर में जाफर अली शाह मासूम की मजार पर बुलडोजर कार्रवाई, सरकारी जमीन मुक्त कराई

 गोरखपुर

गोरखपुर जिला प्रशासन ने शाहपुर थाना क्षेत्र के आवास विकास कॉलोनी के पास गोड़धोइया पुल पर स्थित हजरत बाबा जाफर अली शाह 'मासूम' की मजार को शुक्रवार को ध्वस्त कर दिया. 'गोड़धोइया नाला चौड़ीकरण' के रास्ते में आने के कारण इस बरसों पुराने निर्माण को हटाया गया. पीडब्ल्यूडी की जमीन पर बनी यह मजार नाले के विस्तार और सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही थी. भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने गुरुवार को बुलडोजर चलाकर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया। 

सीएम योगी का ड्रीम प्रोजेक्ट और मजार
बताया जा रहा है कि 'गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट' मुख्यमंत्री का प्राथमिकता वाला प्रोजेक्ट है, जिसका उद्देश्य शहर की जल निकासी व्यवस्था को बेहतर करना है. इसी कड़ी में शाहपुर क्षेत्र में नाले के किनारे हुए अवैध कब्जों को चिन्हित किया गया था. जांच में पाया गया कि मासूम बाबा की मजार लोक निर्माण विभाग (PWD) की जमीन पर बनी थी. प्रोजेक्ट की ड्राइंग के अनुसार, मजार वाला हिस्सा चौड़ीकरण की बाधा बन रहा था, जिसके बाद इसे हटाने का निर्णय लिया गया। 

कार्रवाई के दौरान भावुक हुए मोहल्ले के लोग
जब प्रशासन का बुलडोजर मजार के पास पहुंचा, तो आवास विकास कॉलोनी और आसपास के इलाकों के पुरुष और महिलाएं वहां बड़ी संख्या में जुट गए. बरसों पुरानी आस्था का केंद्र होने के कारण कई लोग मजार को टूटता देख भावुक हो गए. हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए लोगों को समझाया कि सरकारी जमीन और विकास कार्य के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य है. भारी सुरक्षा घेरे के कारण प्रदर्शन की कोई स्थिति नहीं बनी और शांतिपूर्वक ध्वस्तीकरण पूरा हुआ। 

सरकारी जमीन को कराया गया कब्जा मुक्त
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि गोड़धोइया नाला प्रोजेक्ट को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए सभी बाधाओं को हटाया जा रहा है. मजार ध्वस्त होने के बाद अब वहां नाले के पुख्ता निर्माण और सड़क को चौड़ा करने का काम तेजी से शुरू हो सकेगा. पीडब्ल्यूडी और नगर निगम की टीमें अब मलबे को हटाने और आगे की जमीन के समतलीकरण में जुट गई हैं। 

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