HC ने शाजापुर कलेक्टर को तीसरी बार लगाई फटकार: वेतनवृद्धि रोकने के आदेश पर स्टे, 15 दिन में हलफनामा देने का निर्देश

शाजापुर

शाजापुर। कलेक्टर के आदेश पर एक बार फिर हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाया है. हाईकोर्ट जज ने कलेक्टर रिजु बाफना के खिलाफ टिप्पणी करते हुए कहा- शाजापुर कलेक्टर को कुछ पता नहीं, नियमों को जानती नहीं और कुछ भी पास कर देती है. कुछ ही दिनों में कलेक्टर को यह तीसरी फटकार हाईकोर्ट से लगी है. इसके पहले भी हाईकोर्ट कलेक्टर के आदेशों पर तल्ख टिप्पणी कर चुका है. इस बार कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 कर्मचारी जयंत बघेरवाल की दो वेतन वृद्धि से जुड़ा मामला है. कलेक्टर कार्यालय में वाहन स्टैंड को लेकर कलेक्टर शाजापुर ने वाहन स्टैंड ठेकेदार के विरुद्ध एफआईआर के आदेश दिए थे. ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद उसने कर्मचारी जयंत बघेरवाल पर आर्थिक लेन-देन के आरोप लगाए। 

व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश
दरअसल कलेक्टर ने बिना जांच के ही 27-28 फरवरी 2025 को दो आदेश जारी किए, पहले आदेश में बघेरवाल की दो वेतन वृद्धि रोकने और दूसरे आदेश में उन्हें एसडीएम कार्यालय गुलाना अटैच किया गया. वेतन वृद्धि रोकने के आदेश पर पहले बघेरवाल ने कमिश्नर उज्जैन के यहां अपील की. कमिश्नर ने भी कलेक्टर के आदेश को यथावत रखा, उसके बाद बघेरवाल ने हाईकोर्ट की शरण ली. इन्दौर हाईकोर्ट ने 25 मार्च को स्टे आदेश जारी करते हुए कलेक्टर शाजापुर से 15 दिन में व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया है। 

कलेक्टर को कानून पता नहीं है
हलफनामे में कलेक्टर शाजापुर को स्पष्ट करना है किन नियमों के तहत बिना जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं. स्टे आदेश में हाईकोर्ट ने स्पष्ट लिखा है कलेक्टर ने अपने अधिकार क्षेत्र का उल्लघंन किया है. बिना किसी विभागीय जांच के दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए. हाईकोर्ट ने कलेक्टर को फटकार लगाते हुए कहा शाजापुर कलेक्टर कुछ भी आर्डर पास कर देती है, आबकारी अधिकारी के मामले में भी ऐसा ही किया था। कलेक्टर को कानून पता नहीं है। 

तीन मामले पर हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी
विगत दिनों सबसे पहले हाईकोर्ट ने हाट मैदान स्थित भूमि को लेकर याचिकाकर्ता महेश गुप्ता की याचिका पर कलेक्टर शाजापुर के खिलाफ टिप्पणी की थी. दूसरा मामला आबकारी अधिकारी विनय रंगशाही के निलंबन का था, जिसमें भी हाईकोर्ट ने निलंबन को गलत ठहराते हुए उन्हें फिर से बहाल किया. तीसरा मामला कर्मचारी जयंत बघेरवाल का है।  

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786