बक्सर.
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने कहा कि बक्सर की आध्यात्मिक और ऐतिहासिक भूमि अब विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। ''समृद्धि यात्रा'' के तहत स्थानीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बुनियादी ढांचे पर जोर देते हुए कहा कि पटना से कोईलवर तक मरीन ड्राइव बनाने का काम शुरू हो चुका है। इसे कोईलवर से बक्सर तक विस्तार दिया जाएगा।
सड़कों में सुधार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग पटना से बक्सर जाने में 5 घंटे का समय और ट्रेन के सफर पर निर्भर रहते थे। आज डबल इंजन की सरकार के कारण यह दूरी मात्र डेढ़ से दो घंटे की रह गई है। उन्होंने कहा कि बक्सर-चौसा सड़क को फोरलेन बनाने के लिए जमीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। साथ ही, 2024 के केंद्रीय बजट का उल्लेख करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री के आग्रह पर बक्सर में गंगा नदी पर फोरलेन पुल का निर्माण किया जा रहा है।
अब मेड इन बक्सर कोल्ड ड्रिंक पिएंगे युवा
रोजगार और निवेश पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि बक्सर अब औद्योगिक रूप से सक्षम हो रहा है। उन्होंने कहा, अभी हमने सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास और उद्घाटन देखा है। जल्द ही बक्सर और डुमरांव बेवरेज यानी पेप्सी और कोका-कोला के बड़े केंद्र बनेंगे। अब यहां के युवा ''मेड इन यूएसए'' नहीं, बल्कि बक्सर में बनी कोल्ड ड्रिंक्स पिएंगे। उन्होंने दावा किया कि यह देश में सबसे अधिक मात्रा में बेवरेज का उत्पादन करने वाली इकाई है। सरकार का लक्ष्य एक करोड़ लोगों को रोजगार देकर पलायन रोकना है। मुख्यमंत्री ने यह तय किया है कि मजदूरी के लिए अब किसी को बिहार से बाहर नहीं जाना होगा। उन्हें स्थानीय तौर पर ही काम मिलेगा।
सड़क और बिजली सुविधाओं में अभूतपूर्व विस्तार
उपमुख्यमंत्री ने आंकड़ों के जरिए विकास का खाका पेश किया। कहा कि एनडीए की सरकार बनने के बाद बिहार का बजट 6,000 करोड़ से बढ़कर 3.47 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसी तरह बिजली के क्षेत्र में 2005 के 17 लाख कनेक्शन के मुकाबले आज 2.16 करोड़ कनेक्शन हैं। उन्होंने बताया कि सरकार हर घर को 125 यूनिट मुफ्त बिजली और सालाना ₹12,000 की सब्सिडी दे रही है। राज्य में सड़कों का जाल 6,000 किमी से बढ़कर 40,000 किमी तक पहुंच गया है।
18 लाख छूटी हुई महिलाओं को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए
उन्होंने जीविका दीदियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि 1.60 लाख करोड़ का बाजार अब महिलाओं के हाथ में है। मुख्यमंत्री ने 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10,000 रुपए की राशि भेजी है, जो बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। कुछ बहनें इसमें छूट गई हैं। एक महीने के अंदर 18 लाख छूटी हुई जीविका दीदियों को 10-10 हजार रुपए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार देगी।









