LPG संकट पर PM मोदी की हाईलेवल बैठक, पेट्रोलियम और विदेश मंत्री के साथ की स्थिति की समीक्षा

नई दिल्ली
पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद थे। ईरान में इजरायल और अमेरिका के हमलों के चलते हालात बिगड़ गए हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई को बाधित किया है और इससे भारत समेत कई एशियाई देशों में गैस और तेल की किल्लत हो गई है।

देश में LPG सिलेंडरों की किल्लत चल रही है और सरकार ने उसके प्रबंधन को लेकर एस्मा लागू कर दिया है। इससे सरकार ने यह तय करने की कोशिश की है कि घरेलू उपभोक्ताओं को पर्याप्त एलपीजी मिलती रहे। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने भी इस मसले पर एक हाईलेवल मीटिंग की है। इस बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही पेट्रोलियम मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर भी मौजूद थे। ईरान में इजरायल और अमेरिका के हमलों के चलते हालात बिगड़ गए हैं। ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सप्लाई को बाधित किया है और इससे भारत समेत कई एशियाई देशों में गैस और तेल की किल्लत हो गई है।

फिलहाल केंद्र सरकार का फोकस इस बात पर है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर की सप्लाई कम ना होने पाए। इसकी एवज में औद्योगिक यूनिट्स को सप्लाई कम कर दी गई है। इसके अलावा कॉमर्शियल सिलेंडर भी कम दिए जा रहे हैं। होटल इंडस्ट्री ने इस पर आपत्ति भी जताई है कि क्योंकि उनका कॉमर्शियल सिलेंडरों से ही होता है। ऐसी स्थिति में होटल इंडस्ट्री के कामकाज के ही ठप होने का खतरा है। अगले कुछ दिन देश में एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई के लिहाज से अहम हो सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से ही भारत को आने वाले ज्यादातर तेल और गैस सप्लाई होता है।

ऐसी स्थिति में संकट गहरा गया है। भारत अपनी जरूरत का कुल 62 फीसदी एलपीजी आयात करता है। यही नहीं तेल के मामले में यह निर्भरता 85 फीसदी के करीब है। ऐसी स्थिति में ज्यादा दिनों तक यदि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद रहा तो फिर संकट बढ़ेगा। देश में अब बड़े पैमाने पर खाना बनाने के लिए लोगों की निर्भरता एलपीजी पर बढ़ गई है। दो दशक पुरानी स्थिति नहीं है। ऐसे में गैस की किल्लत देश में बड़े गुस्से का कारण भी बन सकती है। यही वजह है कि सरकार ने इसे प्राथमिकता से लिया है और एस्मा लागू करके एलपीजी की सप्लाई का वर्गीकरण कर दिया है।

गैस की जरूरत का 85 फीसदी हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरता है
भारत अपनी गैस की जरूरत का करीब 85 फीसदी हिस्सा फिलहाल सऊदी अरब से खरीद रहा है। इसका आयात स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते ही होता है। अभी यह बंद है। ऐसे में संकट गहरा है और सरकार फिलहाल सप्लाई के दूसरे रास्ते तलाश रही है। भारत में हर साल करीब 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत होती है। बता दें कि देश में कुल एलपीजी की खपत में 87 फीसदी हिस्सा घरेलू उपभोक्ताओं का ही है। इसके बाद 13 फीसदी हिस्सा उद्योग, होटल और रेस्तरां आदि में इस्तेमाल होता है।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786