गृह रक्षा विभाग को तकनीकी सक्षम एवं सशक्त बनाने पर जोर, मुख्य सचिव ने की विभागीय कार्य की समीक्षा

जयपुर,

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने रविवार को गृह रक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर विभाग की वर्तमान स्थिति, उपलब्धियों तथा भावी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने गृह रक्षा विभाग के आधुनिकीकरण को राज्य सरकार की ​दीर्घकालीन परिकल्पना 'विकसित राजस्थान@2047' के अनुरूप गति देने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि होमगार्ड स्वयंसेवकों को केवल आरक्षित सहायक बल के रूप में सीमित न रखते हुए उन्हें एक सक्रिय तकनीकी रक्षक और मुख्य धारा में एकीकृत सहायक बल के रूप में विकसित किया जाए।

उन्होंने आपदा प्रबंधन में होमगार्ड की अग्रिम भूमिका को सुदृढ़ करने, जयपुर सहित प्रदेशभर में यातायात प्रबंधन में उनकी संस्थागत एवं परिचालनात्मक भागीदारी बढ़ाने तथा नवीनतम तकनीकों के अनुरूप उनके प्रशिक्षण एवं क्षमता सर्वंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विभाग की आईटी एवं सरंचना को सुदृढ़ करने एवं एचडीएमएस प्रणाली की कार्यात्मक क्षमताओं का विस्तार करने के निर्देश देते हुए कहा कि इससे स्वयंसेवकों के नियोजन, प्रशिक्षण तथा सेवा प्रबंधन में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार गृह रक्षा दल राज्य की सुरक्षा व्यवस्था में एक विश्वसनीय, सक्रिय एवं तकनीकी सक्षम सहायक बल के रूप में और अधिक सुदृढ़ भूमिका निभा सकेगा।

वी. श्रीनिवास ने विभागीय केडर रिव्यू, स्वयंसेवकों को देय शीतकालीन वर्दी वितरण प्रणाली में विद्यमान विसंगतियों के समाधान तथा विभाग में आईटी सेल की स्थापना जैसे महत्वपूर्ण विषयों की प्रगति पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया गया। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन विषयों पर आगामी तीन माह के भीतर पुन: समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी तथा लंबित प्रस्तावों पर निर्णय लिये जाएंगे।  

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) भास्कर ए. सावंत, महानिदेशक गृह रक्षा मालिनी अग्रवाल, संयुक्त शासन सचिव गृह (ग्रुप-7) सोविला माथुर, निदेशालय अधिकारीगणों सहित समस्त जिलों के गृह रक्षा कमांडेंट उपस्थित रहे।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786