महाकाल धाम में इस साल नहीं खेल सकेंगे होली, हर्बल गुलाल होगा अर्पित, उल्लंघन पर होगी वैधानिक कार्रवाई

उज्जैन
 विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकालेश्वर के धाम में इस वर्ष भी होली खेलने पर प्रतिबंध रहेगा. श्रद्धालु रंग गुलाल मंदिर में नहीं ले जा सकेंगे. क्योंकि दो साल पहले वर्ष 2024 में होली पर्व के दौरान होने वाली भस्म आरती में केमिकल युक्त गुलाल से गर्भ गृह में भड़की आग के कारण 14 लोग झुलस गए थे. दो साल पहले मंदिर में मचे आग के तांडव और भयावह दृश्य को कोई नहीं भूल पाया है. उसी बात को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति पिछले साल से मंदिर में होली खेलने पर प्रतिबंध लगा रही है.

मंदिर में रंग गुलाल नहीं ले जा सकेंगे भक्त
इस बार भी मंदिर समिति ने निणर्य लेते हुए स्पष्ट किया
है कि मंदिर में कोई भी श्रद्धालु होली पर्व के दौरान रंग गुलाल नहीं ले जा सकेगा. भगवान के लिए तय मात्रा में हर्बल गुलाल मंदिर समिति उपलब्ध करवाएगी. श्रद्धालुओं को प्रवेश के पूर्व चेक किया जाएगा व नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जानी है.

श्रद्धालुओं के होली खेलने पर लगा प्रतिबंध

मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि, ''मंदिर में प्रतिबंध होली रंगों के उपयोग का आदेश सिर्फ श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, मंदिर से जुड़े हर कर्मचारियों, अधिकारियों सब पर है. सिर्फ भगवान को अर्पित होने वाले रंगों के अलावा कोई भी मंदिर में रंग गुलाल नहीं ले जा सकेगा. आपस में भी कोई मंदिर में रंग नहीं लगाएगा. सभी प्रवेश द्वार पर जांच के निर्देश दे दिए हैं. 2 व 3 मार्च को जांच होनी है. वहीं, CCTV से भी निगरानी सतत जारी रहेगी.''

बाबा महाकाल को चढ़ेगा 1 किलो गुलाल
सहायक प्रशासक मंदिर आशीष फलवादिया ने कहा, ''मंदिर समि
ति पुजारी परिवार को 1-1 किलो हर्बल गुलाल भगवान महाकाल के लिए उपलब्ध करवा रही है. जो कि भस्म आरती, संध्या आरती, शयन आरती में उपयोग में लिया जाएगा. मंदिर में रंगों के प्रतिबंध आदेश की जो बात हुई है उसमें पूरे मंदिर परिसर में मतलब नंदी हाल, गणेश मंडप, कार्तिक मंडप, सभा मंडप व अन्य जगह सभी शामिल हैं.''

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786