लुधियाना.
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सी.बी.एस.ई.) 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं शुरू होते ही सोशल मीडिया पर सक्रिय असामाजिक तत्वों ने 'पेपर लीक' जैसी भ्रामक जानकारियां फैलाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों की परेशानी बढ़ा दी है। इस स्थिति को देखते हुए सी.बी.एस.ई. ने एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी कर सभी को सतर्क रहने की सलाह दी है।
सी.बी.एस.ई. की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से आरंभ हो चुकी हैं। आंकड़ों के अनुसार, इस बार देश-विदेश के परीक्षा केंद्रों पर 43 लाख से अधिक विद्यार्थी परीक्षा दे रहे हैं। 10वीं क्लास की परीक्षाएं 11 मार्च तक और 12वीं क्लास की परीक्षाएं 9 अप्रैल तक चलेंगी। विद्यार्थियों की इसी बड़ी संख्या का फायदा उठाकर कुछ शरारती तत्व यूट्यूब, व्हॉट्सएप, टैलीग्राम, इंस्टाग्राम, फेसबुक और एक्स (पुराना ट्विटर) जैसे प्लेटफॉर्म्स का सहारा लेकर फर्जी खबरें फैला रहे हैं।
कैसे फैलाई जाती हैं फर्जी खबरें?
बोर्ड द्वारा जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि कुछ असामाजिक तत्व सी.बी.एस.ई. के पुराने क्वैश्चन पेपर्स को एडिट करके या फर्जी पी.डी.एफ. बनाकर उन्हें 'असली पेपर' के रूप में पेश करते हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ये लोग केवल विद्यार्थियों को भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसी फर्जी खबरें विद्यार्थियों के मन में बेवजह का डर, भ्रम और तनाव पैदा करती हैं जिससे उनका फोकस टूटता है और इसका सीधा असर उनके अगले पेपर्स की तैयारी पर पड़ता है।
सी.बी.एस.ई. ने चेतावनी दी है कि गलत सूचना फैलाने या परीक्षा प्रक्रिया को बाधित करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। बोर्ड ने साफ कहा है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ आई.टी. एक्ट और अन्य कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। आरोप साबित होने पर भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।









