हजारीबाग
हजारीबाग के बहुचर्चित रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने इस मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि दो अन्य आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
अदालत ने दोषियों की सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 फरवरी की तिथि निर्धारित की है। मामले में मोहम्मद असलम अंसारी (उर्फ असलम उर्फ पप्पू मियां), मोहम्मद कैफ और मोहम्मद गुफरान को दोषी ठहराया गया है। वहीं, मोहम्मद इरफान और इस्तखार मियां को कोर्ट ने बरी कर दिया
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 6 फरवरी 2022 की शाम करीब पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गए थे। विसर्जन के दौरान एक हिंसक भीड़ ने रूपेश पांडेय की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी, जिसके बाद पूरे राज्य में भारी आक्रोश फैल गया था घटना के बाद बरही थाने में 27 नामजद आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए झारखंड हाईकोर्ट ने 2 सितंबर 2022 को इसकी जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था









