माँ दंतेश्वरी के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था: दानपेटी से निकले 19 लाख, प्रेम-सफलता की हज़ारों अर्जियां

जगदलपुर

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध माँ दंतेश्वरी मंदिर की दानपेटी चार साल बाद खोली गई। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा दान की गई कुल 19 लाख 44 हजार 432 रुपये की राशि निकली। मंदिर के पुजारियों और टेम्पल कमेटी के सदस्यों को घंटों की मशक्कत के बाद दान राशि की गिनती पूरी करने में सफलता मिली। दानपेटी से केवल नकद राशि ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं द्वारा लिखे गए दर्जनों पत्र भी प्राप्त हुए, जिनमें उन्होंने अपनी मनोकामनाएं व्यक्त की थीं।

मनोकामनाओं का संगम
दानपेटी से प्राप्त पत्रों में एक प्रेमी का मार्मिक पत्र भी शामिल था। उसने अपनी प्रेमिका से बिछड़ने का दर्द बयां करते हुए माँ दंतेश्वरी से उसे फिर से मिलाने की गुहार लगाई थी। उसने बताया कि पारिवारिक कारणों से उनका अलगाव हुआ है, लेकिन वह उसी से विवाह करना चाहता है और उसके बिना दूसरी लड़की से शादी नहीं कर सकता। इसी प्रकार, अन्य कई पत्रों में श्रद्धालुओं ने परीक्षा में सफलता, अच्छी नौकरी और विवाह जैसी मनोकामनाएं व्यक्त की थीं। यह घटना दर्शाती है कि मंदिर केवल धन-धान्य का ही नहीं, बल्कि आस्था और विश्वास का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहाँ भक्त अपनी हर इच्छा पूरी होने की आशा लेकर आते हैं।

आस्था और विश्वास का प्रमाण
मंदिर समिति के अनुसार, दानपेटी वर्ष में सामान्यतः तीन से चार बार खोली जाती है। यह नियमित अंतराल भक्तों की अटूट श्रद्धा और मंदिर के प्रति उनके विश्वास का प्रमाण है। माँ दंतेश्वरी के दरबार में हर वर्ग और हर पृष्ठभूमि के लोग अपनी आशाएं लेकर पहुंचते हैं। दानपेटी में मिली राशि और पत्र इस आस्था की गहराई को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आस्था के आगे धन-दौलत से बढ़कर मन की शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति का महत्व है। मंदिर में भक्तों का विश्वास दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है।

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