जालंधर
जालंधर में कांग्रेस नेता और जिम लवर मनोज मल्होत्रा (मनु वड़िंग) का निधन हो गया, वे 48 साल के थे। शुक्रवार तड़के करीब 4 बजे उनको साइलेंट अटैक आया। परिवार उनको लेकर अस्पताल पहुंचा, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
मनु वड़िंग सांसद और पूर्व सीएम चरनजीत चन्नी के करीबी और कांग्रेस प्रदेश महासचिव थे। इसके अलावा राजनीति में सक्रिय होने के साथ ही रियल एस्टेट कारोबारी थे। वे अपनी फिटनेस को लेकर बहुत अवेयर रहते थे।
निधन से एक दिन पहले ही उन्होंने सोशल मीडिया पर फिटनेस का वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो के जरिए युवाओं को फिटनेस के लिए मोटिवेट किया था। उधर, उनके निधन की सूचना मिलते ही कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता उनके घर जुटने शुरू हो गए। दीप नगर में दोपहर के समय उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
अचानक तबीयत बिगड़ी, अस्पताल ले जाने से पहले मौत
पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, मनु वड़िंग की सुबह 4 बजे के करीब अचानक तबीयत बिगड़ी। उनको सीने में तेज दर्द महसूस हो रहा था। उन्हें अस्पताल ले जाने की तैयारी ही चल रही थी कि उन्होंने दम तोड़ दिया। इस हादसे से उनका परिवार और समर्थक गहरे सदमे में हैं। मनु वडिंग के निधन पर शहर की विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक संस्थाओं ने दुख प्रकट किया है।
दीप नगर में दोपहर में होगा अंतिम संस्कार
शुक्रवार दोपहर को मनु वडिंग का अंतिम संस्कार दीप नगर स्थित रामबाग श्मशानघाट में होगा। उनकी अंतिम विदाई में शहर के कई बड़े राजनेताओं, कारोबारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
पंजाब कांग्रेस के प्रदेश महासचिव
जानकारी के अनुसार, मनु वड़िंग वर्तमान में पंजाब कांग्रेस के महासचिव थे। वह पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी के करीबी माने जाते थे। मनु बड़िंग जालंधर के वड़िंग इलाके से संबंध रखते थे और राजनीति में कई सालों से सक्रिय थे। उनकी पत्नी परवीना भी पार्षद रह चुकी हैं।
एक दिन पहले जिम का वीडियो शेयर किया
हैरानी की बात यह है कि निधन से ठीक एक दिन पहले (29 जनवरी को) मनु बड़िंग ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फिटनेस से जुड़ा एक वीडियो साझा किया था। वह नियमित रूप से जिम जाते थे और फिटनेस को अपने जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते थे।
वे रोजाना व्यायाम करते थे और अपने खान-पान का भी पूरा ख्याल रखते थे। मनु बड़िंग की आकस्मिक मौत से कांग्रेस में शोक का माहौल है। पार्टी नेताओं और समर्थकों ने उनके निधन को एक अपूरणीय क्षति बताया है।









