चंडीगढ़.
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने लाडो लक्ष्मी योजना में किए गए बदलावों को लेकर हरियाणा सरकार पर तीखा हमला बोला। रादौर के गांव धौलरा में कांग्रेस नेता सतीश सांगवान के निवास पर कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत में हरीश रावत ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना जनकल्याण से अधिक चुनावी लाभ के उद्देश्य से लाई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह योजना एक बड़ी चुनावी घूस थी, जिसे लागू करना और बाद में उसमें समन्वय बैठाना भाजपा सरकार के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। हरीश रावत ने कहा कि इस तरह के प्रयोग पहले भी बिहार और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनाव से पहले किए जा चुके हैं, जहां योजनाओं के जरिए वोट साधने का प्रयास किया गया। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने सरकार को सलाह देते हुए कहा कि यदि वास्तव में जनता का भला करना है तो योजनाओं की राशि का उपयोग रोजगार सृजन, उत्पादक कार्यों और खेती में सब्सिडी देने में किया जाना चाहिए, जिससे किसानों और आम लोगों को स्थायी लाभ मिल सके।
इस दौरान हरीश रावत ने कांग्रेस पार्टी के भीतर की गुटबाजी पर भी खुलकर बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि पार्टी से कुछ कमियां जरूर हुई हैं। उन्होंने कहा कि 2022 में उत्तराखंड और 2024 में हरियाणा में कांग्रेस सत्ता के करीब पहुंचकर चूक गई, लेकिन इन अनुभवों से सीख लेकर संगठन को और मजबूत किया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।









