रांची.
रांची में बीते कई दिनों से लापता बच्चे रामगढ़ के चितरपुर की स्लम बस्ती से बरामद कर लिए गए हैं। इस मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए संदिग्धों से पुलिस पूछताछ कर रही है। इस मामले की जानकारी देते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि लड़का को बजरंग दल के युवकों ने देखा उसके बाद उसे अपने पास रखकर पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलने के बाद पुलिस पहुंची और दोनों बच्चों को बरामद कर लिया। बच्चों के साथ पकड़े गए आरोपियों से रामगढ़ एसपी पूछताछ कर रहे हैं। बता दें कि रांची के जगन्नाथपुर मौसीबाड़ी खटाल से दो जनवरी को अंश और अंशिका लापता हुए थे। दोनों बच्चे की तलाश में रांची पुलिस की टीम दिल्ली, मुंबई, बंगाल, बिहार और यूपी के इलाके में लगातार छापेमारी कर रही थी।
क्या बोले सीएम सोरेन
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दो मासूम बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराना बेहद राहत भरा और सराहनीय कार्य है। पिछले कुछ दिन व्यक्तिगत रूप से काफी परेशान करने वाले रहे, लेकिन अंततः पुलिस को सफलता मिली। दूसरे राज्य में हुई समान घटनाओं के तार जोड़कर रांची पुलिस ने अपराधियों तक पहुंच बनाई। रांची पुलिस व झारखंड पुलिस की टीम को बधाई और अंश और अंशिका के परिवार को शुभकामनाएं।
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने टीम को ‘डीजी डिस्क’ देने की घोषणा की
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने रांची पुलिस को इस बड़ी कामयाबी के लिए बधाई दी है। एडीजी मनोज कौशिक के नेतृत्व में गठित रांची पुलिस की विशेष टीम ने अपहरण किए गए दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया है। डीजीपी ने कहा कि इस सफलता के पीछे पुलिस टीम की कड़ी मेहनत और ठोस रणनीति रही है। बच्चों की तलाश के लिए पुलिस ने सघन अभियान चलाते हुए ऑटो, ट्रेन और निजी वाहनों सहित सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर लगाए थे। साथ ही, अपराधियों की सूचना देने पर दो-दो लाख रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी।
डीजीपी ने बताया कि मीडिया में हुए व्यापक प्रचार-प्रसार और पुलिस की सक्रियता के कारण अपराधियों पर भारी दबाव बन गया था। इसी वजह से वे बच्चों को लेकर झारखंड से बाहर भागने में असफल रहे और अंततः पुलिस ने उन्हें रामगढ़ से बरामद कर लिया। इस सराहनीय कार्य के लिए ऑपरेशन में शामिल पूरी टीम को ‘डीजी डिस्क’ से सम्मानित किया जाएगा।
मामले का खुलासा करते हुए उन्होंने बताया कि इस अपहरण के पीछे मानव तस्करी में शामिल एक बड़ा अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय था। पुलिस ने इस मामले में अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जो झारखंड के बाहर के रहने वाले हैं। फिलहाल पकड़े गए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ की जा रही है ताकि इस गिरोह के पूरे नेटवर्क और इनके संपर्कों का पूरी तरह से पर्दाफाश किया जा सके।









