मकर संक्रांति पर MP का मौसम बदला, ग्वालियर में अब भी ठंड, कुछ जगह धूप तो कुछ जगह तेज सर्दी

भोपाल
 मध्यप्रदेश में इस बार ठंड ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़े हैं। बर्फीली हवाओं और घने कोहरे का असर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में लगातार बना हुआ है। वहीं आज मकर संक्रांति के दिन ठंड से हल्की राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है। मंगलवार सुबह प्रदेश के कई जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा देखने को मिला।जबकि कुछ क्षेत्रों में हल्का कोहरा छाया रहा। राहत की बात यह है कि आज प्रदेश के किसी भी जिले में कोल्ड डे या शीतलहर का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
ग्वालियर-बुंदेलखंड में सर्द हवाएं जारी

जिससे शीतलहर की चेतावनी नहीं होने के बावजूद मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में ठंड का असर सबसे अधिक महसूस किया जा रहा है। ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड अंचल में सर्द हवाओं के चलते तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मंगलवार को प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान कटनी जिले का करौंदी रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पतंगबाज बेझिझक उड़ा सकेंगे अपनी पतंगे

बुधावर के मौसम के इस मिजाज को देखते हुए मकर संक्रांति के अवसर पर पतंगबाजी के शौकीन लोगों के लिए हालात अनुकूल रहने वाले हैं। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार बुधवार को प्रदेशभर में मौसम शुष्क रहेगा और अगले चार दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है।

पिछले 24 घंटों में कैसा रहा मौसम

बीते 24 घंटों की बात करें तो मध्य प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया. राजधानी भोपाल में भी न्यूनतम तापमान लगातार गिरता हुआ नजर आ रहा है, जिससे लोगों को रात के समय जबरदस्त ठंड का सामना करना पड़ा. दिन में भी शीत लहर का असर साफ नजर आया और ठंडी हवाओं ने तापमान को नीचे बनाए रखा. उत्तर भारत से आ रही सर्द हवाओं की वजह से पूरे प्रदेश में ठंड का दायरा बढ़ गया है.

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि बुधवार को मध्यप्रदेश के किसी भी जिले में न तो कोल्ड वेव यानी शीतलहर का अलर्ट जारी किया गया है और न ही कहीं कोल्ड डे की स्थिति रहेगी। ऐसे में लोग मकर संक्रांति का पर्व बिना किसी मौसम संबंधी परेशानी के उत्साहपूर्वक मना सकेंगे। खास तौर पर इंदौर और उज्जैन संभाग के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में मकर संक्रांति पर बड़े पैमाने पर पतंगबाजी होती है। साफ मौसम और तेज धूप की मौजूदगी में पतंग उड़ाने में किसी तरह की बाधा आने की संभावना नहीं है।

ग्वालियर-चंबल सबसे ठंडा प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बर्फीली हवाएं सीधे आ रही हैं। इस कारण यहां के शहरों में सबसे ज्यादा ठंड है। सोमवार-मंगलवार की रात में ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी सबसे ठंडे रहे।

ग्वालियर में 6.5 डिग्री, करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में पारा 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। यहां पर कोहरे का असर भी देखने को मिला। इस वजह से ट्रेनों की टाइमिंग पर असर पड़ा। कई ट्रेनें घंटों लेट रही।

इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला-राजगढ़ में 6.4 डिग्री और रीवा में पारा 6.5 डिग्री रहा। वहीं, भोपाल में 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज किया गया।

दिन में भी उत्तरी हिस्सा ठंडा रहा। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री, श्योपुर में 23.2 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़-उमरिया में 24 डिग्री, मलाजखंड में 23 डिग्री दर्ज किया गया।

ठंडी हवाओं से आज मिलेगी राहत

मौसम विभाग के अनुसार आज मध्यप्रदेश में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है। सुबह के समय ग्वालियर, मुरैना, दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना, सतना, निवाड़ी और टीकमगढ़ जिलों में मध्यम स्तर का कोहरा छाया रहा, जबकि अन्य जिलों में हल्का कोहरा देखने को मिला। बुधवार को भी शीतलहर चलने की संभावना नहीं जताई गई है, हालांकि उत्तरी हिस्सों में सर्द हवाओं के कारण ठंड का असर बना रह सकता है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव के आसार नहीं हैं।
करौंदी-नौगांव सबसे ठंडा

मंगलवार को प्रदेश के पांच सबसे ठंडे शहरों में करौंदी और छतरपुर का नौगांव  पहले स्थान पर रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद चित्रकूट में 5.3 डिग्री, नौगांव में 5.5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री और खजुराहो में 6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं अधिकतम तापमान की बात करें तो मुरैना में सबसे कम 19.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा दतिया में 19.8 डिग्री, चित्रकूट में 20.4 डिग्री, पचमढ़ी में 21.2 डिग्री और पृथ्वीपुर में 21.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड हुआ।

कल से नया सिस्टम, एमपी में 2-3 दिन बाद असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 जनवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह सिस्टम स्ट्रॉन्ग है। इस वजह से 2 से 3 दिन बाद एमपी के उत्तरी हिस्से में मावठा गिरने के आसार है।

छा रहा कोहरा, ट्रेनों की टाइमिंग पर असर नए साल में प्रदेश में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का असर है। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली ट्रेनें निर्धारित समय से लेट हो रही है। इनमें सबसे ज्यादा असर मालवा एक्सप्रेस में हो रहा है। इसके अलावा पंजाब मेल, जनशताब्दी, झेलम, सचखंड एक्सप्रेस समेत एक दर्जन ट्रेनें भी प्रभावित हो रही है।

इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।

इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है।

ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं।

वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

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