हरियाणा के नए DGP को लेकर दिल्ली में मंथन, UPSC ने 5 में से 3 नाम शॉर्टलिस्ट किए

चंडीगढ़
 हरियाणा के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) को लेकर आज दिल्ली में अहम मंथन होने जा रहा है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की पैनल कमेटी आज बैठक कर पांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों को शॉर्टलिस्ट करेगी। यह पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जिसके बाद 1 जनवरी को नए डीजीपी की नियुक्ति को लेकर आदेश जारी होने की संभावना है। 

इससे पहले हरियाणा के कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह आज (31 दिसंबर) सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनके साथ ही 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी मोहम्मद अकील और 1991 बैच के आलोक कुमार रॉय भी रिटायर हो चुके हैं। गृह विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। फिलहाल डीजी जेल को तीन महीने का अतिरिक्त कार्यकाल दिया गया है। UPSC की बैठक में कौन-कौन रहेगा शामिल
यूपीएससी की पैनल कमेटी में आयोग के अध्यक्ष (या उनके प्रतिनिधि), केंद्रीय गृह सचिव या उनके नामित अधिकारी, हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, कार्यवाहक डीजीपी ओपी सिंह और केंद्र सरकार द्वारा नामित किसी सीपीओ या सीपीएमएफ प्रमुख को शामिल किया गया है।

ये 5 अधिकारी रेस में शामिल : हरियाणा सरकार ने 16 दिसंबर को यूपीएससी को पांच आईपीएस अधिकारियों का पैनल भेजा था। इनमें शामिल हैं—शत्रुजीत कपूर (1990 बैच), एसके जैन (1991 बैच), अजय सिंघल (1992 बैच), आलोक मित्तल (1993 बैच), अर्शिंदर चावला (1993 बैच)।

हालांकि पूर्व डीजीपी शत्रुजीत कपूर को आईपीएस अधिकारी वाई पूरन कुमार आत्महत्या मामले में दर्ज एफआईआर के चलते पहले ही छुट्टी पर भेजा जा चुका है। इसी कारण यूपीएससी ने इस केस से जुड़ी विस्तृत जानकारी भी राज्य सरकार से मांगी थी।

डीजीपी पद के प्रमुख दावेदार
अजय सिंघल (1992 बैच) : वर्तमान में एंटी करप्शन ब्यूरो के प्रमुख हैं। पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के करीबी माने जाते हैं और आरएसएस से भी अच्छे संबंध बताए जाते हैं। जमीनी पुलिसिंग का लंबा अनुभव है।

आलोक मित्तल (1993 बैच) : पूर्व में टाटा मोटर्स में कार्य कर चुके हैं। देश में पहली महिला पीसीआर की शुरुआत करने का श्रेय इन्हें जाता है। एनआईए में भी सेवाएं दे चुके हैं और सीएम के भरोसेमंद अफसरों में गिने जाते हैं।

अर्शिंदर (ए.एस.) चावला (1993 बैच) : हाल ही में डीजी रैंक में प्रमोशन मिला है। वर्तमान में हरियाणा पुलिस अकादमी, मधुबन के निदेशक हैं। प्रशिक्षण और प्रशासनिक सुधारों में मजबूत पकड़ मानी जाती है। मुख्यमंत्री नायब सैनी के करीबी होने के चलते उनकी दावेदारी मजबूत मानी जा रही है।

अब सभी की निगाहें UPSC की बैठक पर टिकी हैं, जहां से तीन नामों का पैनल राज्य सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद हरियाणा को जल्द ही नया स्थायी पुलिस महानिदेशक मिलने की उम्मीद है।

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