असीम मुनीर के हाथ में पाकिस्तान का न्यूक्लियर कंट्रोल! भारत के लिए कितनी बड़ी खतरे की घंटी?

इस्लामाबाद 
पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने शुक्रवार को फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की शक्तियों को बढ़ाते हुए उन्हें पांच साल के लिए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) नियुक्त किया है। यह पद तीनों सेनाओं में समन्वय स्थापित करने के लिए बनाया गया है। यह उन्हें देश के न्यूक्लियर हथियारों और मिसाइल सिस्टम को मैनेज करने की शक्ति देता है, जिससे वह पाकिस्तान के सबसे शक्तिशाली सैन्य व्यक्ति बन गए हैं।

पांच साल के लिए होगी तैनाती
पाकिस्तान के पीएम कार्यालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि यह नियुक्ति अगले पांच साल के लिए होगी। इसके साथ ही पीएम ने वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर को दो वर्ष का विस्तार भी प्रदान किया है। आसिम मुनीर को मिल रहा प्रमोशन लगातार विवादों में रहा है। उन्हें कुछ महीने पहले ही फील्ड मार्शल के पद पर प्रमोट किया गया था, जो पाकिस्तान के इतिहास में दूसरी बार हुआ था। इससे पहले यह सम्मान केवल जनरल अय्यूब खान को मिला था।
 
नियम के तहत मुनीर को गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा
बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान की संसद ने एक कानून भी पारित किया, जिसके तहत आसिम मुनीर आजीवन वर्दी में रहेंगे और उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा। विपक्ष, विशेष रूप से पूर्व पीएम इमरान खान की पार्टी पीटीआई ने इस कदम की कड़ी आलोचना की है। उनका कहना है कि इतने व्यापक अधिकार और सुरक्षा प्रदान करना लोकतंत्र के ढांचे को कमजोर करता है। यह नियुक्ति चेयरमैन, ज्वॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के समाप्त किए गए पद की जगह लेती है।

आसिम मुनीर ने पाकिस्तान में फैलाया झूठ
मई में ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारत ने पाकिस्तान पर सैन्य कार्रवाई की थी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पाकिस्तान के डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) को अंततः भारत से संघर्ष विराम के लिए विनती करनी पड़ी। इसके बावजूद, सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर ने पूरे पाकिस्तान में यह झूठा प्रचार किया कि पाकिस्तान ने भारत पर जीत दर्ज की है। इस दावे के बाद, प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उन्हें पदोन्नत करते हुए फील्ड मार्शल बना दिया था। 

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