GDP ने चौंकाया: सितंबर तिमाही में 8.2% की धमाकेदार ग्रोथ, सभी अनुमान हुए फेल

नई दिल्ली 
भारत की इकोनॉमी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है। जुलाई-सितंबर तिमाही (Q2) के दौरान जीडीपी 8.2% की मजबूत दर से बढ़ी है, जो विशेषज्ञों के अनुमान से कहीं बेहतर है। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में 5.6 प्रतिशत की दर से इकोनॉमी बढ़ी थी। वहीं, ताजा ग्रोथ पिछली तिमाही यानी अप्रैल से जून की अवधि के 7.8% से भी ज्यादा है। इस बार के आंकड़े बताते हैं कि उपभोक्ता खर्च में जोरदार तेजी और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के शानदार प्रदर्शन की वजह से जीडीपी ने 8 पर्सेंट के आंकड़े को पार कर लिया है । सितंबर तिमाही के जीडीपी ग्रोथ में जीएसटी कटौती का मामूली असर है। दरअसल, जीएसटी कटौती 22 सितंबर से लागू हुई है। इसका व्यापक असर दिसंबर तिमाही के जीडीप आंकड़ों में देखने को मिलेगा।

ग्रामीण बाज़ार की वापसी ने भरा दम
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि इस मज़बूत ग्रोथ के पीछे आम जनता की बढ़ती मांग का बड़ा हाथ है। इन्फोमेरिक्स रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री मनोरंजन शर्मा के अनुसार, त्योहारी सीज़न से पहले शहरी मांग में ज़बरदस्त तेज़ी आई है। साथ ही, कई सालों की सुस्ती के बाद ग्रामीण ख़र्च में भी एक सार्थक सुधार देखने को मिला है. यह एक बड़ी राहत है, क्योंकि देश की GDP में 55% से 60% योगदान उपभोग (Consumption) का होता है, और यह इंजन अब फिर से तेज़ी पकड़ रहा है।

Union Bank of India के अर्थशास्त्रियों ने Q2FY26 के लिए GDP को 7.5% रहने का अनुमान लगाया है। उन्होंने यह भी बताया कि सकल मूल्य वर्धित (GVA) ग्रोथ, जो उत्पादन पक्ष को दर्शाती है, वह भी बढ़कर 7.3% हो सकती है। SBI म्यूचुअल फंड की मुख्य अर्थशास्त्री नम्रता मित्तल का मानना है कि वास्तविक GDP ग्रोथ 8% तक भी जा सकती है, जो RBI के अनुमान से काफी अधिक है। उनका भी कहना है कि सरकार के खर्च ने इस ग्रोथ को मज़बूत सहारा दिया है।

दूसरी छमाही के लिए चेतावनी
हालांकि, इतने उत्साहजनक आंकड़ों के बावजूद, विशेषज्ञों ने एक चेतावनी भी दी है। उनका कहना है कि वित्त वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में (अक्टूबर से मार्च) GDP के आंकड़े थोड़े कमज़ोर पड़ सकते हैं। इसका मुख्य कारण है कि जो सांख्यिकीय कारक अभी ग्रोथ को बढ़ा रहे हैं, वे धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगे. इसके अलावा, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में देरी के कारण अमेरिकी टैरिफ का पूरा प्रभाव भी आने वाली तिमाहियों के आंकड़ों में नज़र आएगा। यह नाम मात्र की GDP ग्रोथ का धीमा पड़ना ही वह मुख्य चिंता है, जिस पर नीति-निर्माताओं को ध्यान देने की ज़रूरत होगी। बता दें Q2FY26 के GDP आंकड़े शुक्रवार, 28 नवंबर को जारी होने वाले हैं।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786