ट्रंप-पुतिन अलास्‍का मीटिंग: कब और किस समय होगी मुलाकात, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्‍ली
अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की कल यानी 15 अगस्त 2025 को अलास्‍का में बैठक होनी है। ट्रंप ने पुतिन के संग होने वाली अपनी मुलाकात के बारे में मीडिया से बात करते कहा कि  राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से शुक्रवार को रूस में मिलेंगे। उसके बाद सवाल आया कि अलास्‍का तो 150 सालों अमेरिका का ही हिस्सा है तो फिर ट्रंप उसे रूस क्यों कह रहे हैं। खैर, एक सवाल और है कि ट्रंप और पुतिन पूरा अमेरिका छोड़ अलास्का में ही क्यों मुलाकात कर रहे हैं?  

मुलाकात अलास्का में ही क्यों हो रही?
ट्रंप और पुतिन पूरा अमेरिका छोड़ अलास्का में ही क्यों कर रहे हैं मुलाकात, क्‍योंकि बैठक के लिए अलास्‍का का चुनाव प्रतीकात्‍मक और व्यावहारिक तौर पर किया गया है। सुरक्षा और विरोध-प्रदर्शन का जीरो चांस: अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डी.सी. या न्यूयॉर्क जैसी भीड़भाड़ वाले शहरों में पुतिन का यूक्रेन युद्ध को लेकर भारी विरोध हो सकता है। अलास्‍का का 'जॉइंट बेस एलमेनडॉर्फ-रिचर्डसन' हाई सिक्‍योरिटी वाला मिलिट्री बेस है, जहां न आम जनता की पहुंच है और न किसी दुश्मन का परिंदा पग धर सकता है। यानी कि तगड़ी सुरक्षा और विरोध प्रदर्शन का जीरो चांस।

रणनीतिक तौर पर अहम: अलास्‍का यानी वो जगह जहां अमेरिका और रूस करीब-करीब  मिलते हैं। ट्रंप और पुतिन के मिलने की जगह भौगोलिक रूप से रूस के नजदीक है। या फिर यूं कहो कि पुतिन के घर के बेहद करीब है, साथ ही अमेरिका और यूरेशिया से सटा है। ऐसे में अमेरिका और रूस के बीच उड़ान और सुरक्षा प्रबंधन करना आसान है और मीडिया का दबाव भी कम रहेगा। पुतिन का पश्चिमी देशों को संदेश: राष्ट्रपति ट्रंप से अलास्‍का में मुलाकात कर राष्‍ट्रपति पुतिन यह संदेश देना चाहते हैं कि वे पश्चिमी देशों के साथ अपने रिश्ते सुधारना चाहते हैं।

सैन्य ताकत का संदेश : 'जॉइंट बेस एलमेनडॉर्फ-रिचर्डसन' यह वही मिलिट्री बेस है, जो कोल्‍ड वॉर के वक्त सोवियत संघ (मौजूदा रूस) की निगरानी और रोकथाम का बड़ा केंद्र हुआ करता था, लेकिन अब यह अमेरिका सैन्य ठिकाना है। ट्रंप यहां मीटिंग कर पुतिन को अमेरिकी सैन्य शक्ति का सीधा संदेश देना चाहते हैं।

पुतिन के खिलाफ ICC का अरेस्ट वारंट भी कारण 
इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) ने 17 मार्च, 2023 को यूक्रेन में युद्ध अपराधों को लेकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ इंटरनेशनल अरेस्ट वारंट जारी किया हुआ है। आईसीसी ने अरेस्ट वारंट जारी करते हुए कहा कि पुतिन पर यूक्रेन के बच्चों को जबरन रूस ले जाने का आरोप है। 

 

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