NCERT किताबों में मेवाड़ के इतिहास पर विवाद, डॉ. लक्ष्यराजसिंह ने शिक्षा मंत्री से की शिकायत

 उदयपुर

मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान व इतिहास की पाठ्य पुस्तकों में मौजूद गलत तथ्यों और मानचित्रों को लेकर गंभीर चिंता जताई।

डॉ. मेवाड़ ने कहा कि स्वतंत्रता का पर्यायवाची मेवाड़ है, जिसका नेतृत्व वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जैसे नायक ने किया, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगलों से संघर्ष किया। मेवाड़ 1500 वर्षों से अधिक समय से स्वतंत्रता की रक्षा करता आ रहा है। 18 अप्रैल 1948 को राजस्थान के एकीकरण में भी महाराणा भूपाल सिंह ने बतौर राजपूताना के महाराज प्रमुख अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास के साथ छेड़छाड़ की जा रही है। स्कूली बच्चों को मेवाड़ को किसी अन्य के अधीन बताना निंदनीय है। बच्चों को गलत इतिहास पढ़ाना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है, क्योंकि इतिहास वह आईना है जिसे गलत पढ़-समझ लेने पर कोई भी व्यक्ति जीवनभर उसी को सत्य मान सकता है।

मेवाड़ ने कहा कि इतिहास से जुड़े तथ्यों की जांच केवल विषय विशेषज्ञों की टीम द्वारा होनी चाहिए और प्रकाशन ऐतिहासिक प्रमाणिकता व सही संदर्भों के साथ होना चाहिए, क्योंकि यह आने वाली पीढ़ी के भविष्य का सवाल है।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को गलत प्रकाशित तथ्यों और मानचित्रों पर अपना पक्ष रखते हुए मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास पर आधारित पुस्तकें भी भेंट कीं। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उन्हें आश्वस्त किया कि स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल गलत नक्शे को हटाया जाएगा और ऐतिहासिक तथ्यों की जांच कर सुधार किया जाएगा, ताकि भविष्य की पीढ़ी को सटीक और प्रामाणिक इतिहास ही पढ़ाया जा सके।

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