जगदलपुर। बस्तर में मौसम ने अचानक करवट ली है और जगदलपुर में तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। मंगलवार को हुई भारी बारिश के साथ तेज हवाओं ने कई इलाकों में पेड़ उखाड़ दिए। कुछ स्थानों पर पेड़ बिजली के तारों पर गिर पड़े, जिससे घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके चलते नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई। पहली ही तेज बारिश में नगर निगम के साफ-सफाई और जल निकासी के दावे फेल होते नजर आए। नालियों और गटर से पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों पर फैल गया, जिससे कई इलाकों में आवाजाही मुश्किल हो गई।
तेज आंधी के कारण दुकानें, शेड और कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। लोगों को अचानक मौसम के इस बदले मिजाज के लिए कोई तैयारी का मौका नहीं मिला। बिजली व्यवस्था ठप होने से मोबाइल चार्जिंग, इंटरनेट और घरेलू उपकरणों का इस्तेमाल भी ठप रहा, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हुई।
स्थानीय प्रशासन की ओर से राहत और मरम्मत का कार्य शुरू किया गया है, लेकिन जनता में नाराजगी इस बात को लेकर है कि बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में मौसम आपदा की कोई पूर्व चेतावनी या त्वरित तैयारी नहीं दिखी।
बस्तर में आंधी-तूफान के इस प्रभाव ने यह भी उजागर कर दिया है कि आपदा प्रबंधन और शहरी ढांचे को लेकर नगर निगम को और सजग होने की जरूरत है।









