पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह को जारी हुआ नोटिस, प्रदेश प्रभारी और पूर्व डिप्टी सीएम के खिलाफ की थी बयानबाजी

रामानुजगंज से पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह को छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. नोटिस जारी करते हुए पीसीसी ने 3 दिन में बृहस्पत से लिखित में जवाब मांगा है. उन पर पार्टी की छवि धूमिल करने का आरोप लगा है. जिसके चलते उन्हें नोटिस जारी किया गया है.

बता दें कि पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह ने प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव पर गंभीर आरोप लगाए थे. साथ ही कुमारी सैलजा को हटाने की मांग की थी.

दरअसल, शुक्रवार को बृहस्पत सिंह ने प्रदेश के शीर्ष नेताओं के खिलाफ बयानबाजी की थी. दिल्ली में कोर ग्रुप की बैठक से पहले राजधानी रायपुर में पूर्व विधायक बृहस्पत सिंह ने कुमारी सैलजा और टीएस सिंहदेव पर करारा हमला बोला था. उन्होंने प्रदेश प्रभारी सैलजा पर बड़े नेताओं के हाथों बिकने का आरोप लगाते हुए राहुल गांधी से तत्काल उन्हें हटाने की मांग की थी. चुनाव के बाद बृहस्पत सिंह ने तीखे आरोप लगाए थे. उन्होंने सीधे तौर पर कहा था कि बीजेपी को सत्ता में लाने का श्रेय टी. एस. सिंहदेव को जाता है. मेरी भाजपा से मांग है कि इसके एवज में उन्हें राज्यपाल बनाया जाए.

बृहस्पत सिंह ने आगे कहा था कि छत्तीसगढ़ के बड़े नेताओं पर घमंड सिर चढ़कर बोल रहा था. कांग्रेस जिस पीएम को घेर रही थी, डिप्टी सीएम मंच से उनके लिए कह रहे थे. मोदी अच्छा काम कर रहे हैं. ऐसे में जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता कैसे समर्थन करेंगे. पूरी पार्टी कहती रही कि, हमने 36 वादे पूरे किए और टीएस सिंहदेव बार-बार दोहराते रहे कि 12 वादे पूरे किए गए हैं. आगे उन्होंने कहा टी. एस. सिंहदेव पूर्णकालिक सीएम बनते तो कांग्रेस की वही हालत होती, जो पांच वर्ष पूर्व रमन सरकार की वजह से भाजपा की हुई. हम 15 में सिमट जाते.

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