वाराणसी
भारतीय रेलवे अब एक और नया स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चलाने जा रहा है. कल यानी 31 अक्टूबर से इसकी शुरुआत हो रही है. यह ट्रेन वाराणसी से दिल्ली के बीच चलेगी, जो कई बड़े शहरों को एकसाथ जोड़ेगी. इसकी स्पीड भी 160 किलोमीटर प्रति घंटा है, जिसका मतलब है कि यह अन्य ट्रेनों की तुलना में जल्दी सफर पूरा कर लेगी।
भारतीय रेलवे के अनुसार, बाबा विश्वनाथ की नगरी से देश की राजधानी तक वंदे भारत स्लीपर का सफर आधुनिक रेल यात्रा के नए अनुभव की शुरुआत साबित होगी. वाराणसी से नई दिल्ली के बीच शुरू हो रही उत्तर प्रदेश की पहली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेन है।
किस रूट से जाएगी ये ट्रेन?
स्लीपर वंदे भारत के बारे में जानकारी देते हुए उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ डॉक्टर शिवम शर्मा ने बताया कि इस ट्रेन का उद्घाटन शनिवार, 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी रेलवे स्टेशन से 'उद्घाटन स्पेशल ट्रेन सं. 02527 के रूप में किया जाएगा. इस विशेष रेल सेवा से काशी, संगम नगरी प्रयागराज, औद्योगिक नगरी कानपुर, ऐतिहासिक अलीगढ़ और गाजियाबाद के यात्रियों को राष्ट्रीय राजधानी तक रेल संपर्क का एक नया विकल्प मिलेगा।
स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की टाइमिंग
आधुनिक रेल सुविधाओं और स्लीपर यात्रा के नए अनुभव के साथ यह स्पेशल ट्रेन काशी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच संपर्क को एक नई पहचान देगी. उन्होंने आगे बताया कि उद्घाटन स्पेशल गाड़ी संख्या 02527 बनारस–नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन बनारस (BNRS) से दोपहर बाद 16:15 बजे खुलेगी. उद्घाटन स्पेशल यह ट्रेन प्रयागराज में 18:00 बजे, कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर 20:05 बजे, अलीगढ़ स्टेशन पर 23:20 बजे और प्रस्थान 23:22 बजे, गाजियाबाद में आधी रात 01:10 बजे और नई दिल्ली स्टेशन पर रात 2:00 बजे पहुंचेगी।
क्या होगी ट्रेन की खासियत?
यह ट्रेन वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 5:55 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. इस तरह लगभग 9 घंटे 5 मिनट में सफर पूरा होगा. वापसी में नई दिल्ली से रात 9:40 बजे रवाना होकर सुबह 6:45 बजे वाराणसी पहुंचेगी।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 वातानुकूलित कोच होंगे. इनमें यात्रियों के लिए तीन तरह की बर्थ उपलब्ध होंगी. इसमें AC फर्स्ट क्लास- 1, AC 2 टियर-4, AC 3 टियर-11 शामिल हैं. इन कोचों में कुल 823 यात्री सफर कर सकेंगे।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को 180 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम डिजाइन स्पीड के हिसाब से तैयार किया गया है. इसकी परिचालन क्षमता 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक है. हालांकि, वास्तविक रफ्तार रेलवे ट्रैक और रूट की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए इसमें एर्गोनॉमिक डिजाइन वाली गद्देदार बर्थ दी गई हैं. इसके अलावा बेहतर सस्पेंशन सिस्टम लगाया गया है, जिससे ट्रेन में झटके और शोर कम करने में मदद मिलेगी।
इस ट्रेन में रेलवे का स्वदेशी कवच (Kavach) सुरक्षा सिस्टम लगाया गया है. इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे, इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट और बेहतर फायर डिटेक्शन एवं सप्रेशन सिस्टम भी मौजूद हैं।
ऑटोमैटिक दरवाजे और सीलबंद गैंगवे भी होगा, आधुनिक टॉयलेट और सफाई व्यवस्था, यात्रियों के सामान रखने की बेहतर व्यवस्था और यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी।









