राज्यपाल मंगुभाई पटेल का संदेश: ‘डिग्री के साथ संस्कार मिले, तभी सार्थक है शिक्षा’

ग्वालियर

 शिक्षा तभी सार्थक होती है जब डिग्री संग छात्र संस्कारी हो। साथ ही उसकी शिक्षा का उपयोग उसके लिए तो हो ही, साथ ही समाज को भी लाभ मिले और समाज में बदलाव आए। यह बात प्रदेश के राज्यपाल व कुलाधिपति मंगुभाई पटेल ने राजमाता विजायराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के 12 वें दीक्षांत समारोह में छात्रों व मौजूद गणमान्य लोगों को संबोधित करते हुए कही।

दीक्षांत समारोह में 666 विद्यार्थियों को मिली उपाधि

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि संस्कार, नैतिकता, संवेदनशीलता और समाज के प्रति समर्पण का भाव विकसित करना है। शोध और नवाचार की सार्थकता भी तभी है, जब उसका लाभ प्रयोगशालाओं और पुस्तकों से निकलकर खेतों तक पहुंचे और किसान से लेकर समाज के प्रत्येक व्यक्ति का जीवन बेहतर बनाए। समारोह को समारोह के विशिष्ट अतिथि भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी ने भी संबोधित किया। दीक्षांत समारोह में 666 विद्यार्थियों को उपाधि मिली। चार छात्रों को स्वर्ण पदक दिए गए। साथ ही तीन छात्रों को सरताज बहादुर सिन्हा स्मृति पुरस्कार दिए गए।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786