मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में महिला सुरक्षा, राम मंदिर परिसर में मिली वृद्धा को वन स्टॉप सेंटर ने परिवार से मिलाया

घरेलू हिंसा और पारिवारिक उपेक्षा से जूझ रही 65 वर्षीय महिला को मिला सहारा, काउंसलिंग के बाद सम्मान के साथ घर लौटी

पति ने घर से निकाला तो राम मंदिर पहुंची वृद्धा, 181 हेल्पलाइन से मिली मदद

वन स्टॉप सेंटर की पहल से परिवार में लौटा संवाद, महिला को मिला सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल

अयोध्या
 घर की चारदीवारी में अपनों के बीच रहने के बावजूद जब किसी बुजुर्ग महिला को अकेलेपन, घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न का सामना करना पड़े, तो उसका दर्द सिर्फ व्यक्तिगत नहीं रहता, बल्कि पूरे परिवार के बिखरने की कहानी बन जाता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में महिला सुरक्षा और संकट में फंसी महिलाओं को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने के लिए संचालित व्यवस्था का अयोध्या में सकारात्मक उदाहरण सामने आया है,जब 65 वर्षीय महिला पारिवारिक उपेक्षा और घरेलू हिंसा के बाद राम मंदिर परिसर में असहाय अवस्था में मिलीं। मुश्किल की इस घड़ी में 181 महिला हेल्पलाइन उनके लिए मदद की पहली कड़ी बनी। सूचना मिलते ही सखी वन स्टॉप सेंटर की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित संरक्षण में लिया। इसके बाद काउंसलिंग और परिवार के सदस्यों से लगातार संवाद के जरिए परिवार में संवाद बहाल करने का प्रयास किया गया। आखिरकार महिला को उनकी इच्छा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सम्मानपूर्वक परिजनों के साथ भेज दिया गया।

घर से निकाले जाने के बाद मंदिर परिसर में मिलीं महिला

वन स्टॉप सेंटर के अनुसार कमलावती (काल्पनिक नाम) लंबे समय से पारिवारिक उपेक्षा, मानसिक उत्पीड़न और घरेलू हिंसा का सामना कर रही थीं। पारिवारिक परिस्थितियां बिगड़ने पर उनके पति ने उन्हें घर से बाहर कर दिया था। इसके बाद वह असहाय अवस्था में राम मंदिर परिसर में बैठी मिलीं। 181 हेल्पलाइन के माध्यम से 13 मार्च को सूचना प्राप्त हुई, जिसके बाद ओएससी टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित स्थान पर ले गई।

सुरक्षित माहौल के साथ भावनात्मक संबल देने पर जोर

सखी वन स्टॉप सेंटर में महिला की काउंसलिंग की गई। टीम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और उनकी भावनात्मक स्थिति को समझने का प्रयास किया। महिला के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ उन्हें उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी विकल्पों की जानकारी भी दी गई। आवश्यकता के अनुसार उनके लिए अस्थायी आश्रय और सुरक्षा की व्यवस्था सुनिश्चित की गई, ताकि वह खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें और आगे की स्थिति पर सोच सकें।

पति, पुत्र और बहू की काउंसलिंग से परिवार में लौटा संवाद

महिला को परिवार से दोबारा जोड़ने के लिए स्थानीय थाना, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों से संपर्क किया गया। इसके बाद पति, पुत्र और बहू की फैमिली काउंसलिंग कराई गई। लगातार संवाद और समझाइश के बाद परिजनों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव आया और उन्होंने महिला को अपने साथ रखने पर सहमति जताई। महिला की इच्छा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें सम्मानपूर्वक परिवार के साथ भेज दिया गया।

समन्वित प्रयासों से असहाय अवस्था से सुरक्षित घर तक पहुंची महिला

जिला प्रोबेशन अधिकारी जय पाल वर्मा ने बताया कि महिला अब संतोषजनक और सुरक्षित वातावरण में जीवन व्यतीत कर रही हैं। उन्होंने सम्मान के साथ घर वापसी की है। इस पूरे प्रकरण में 181 महिला हेल्पलाइन, सखी वन स्टॉप सेंटर, पुलिस, ग्राम प्रधान और परिवार के सदस्यों के बीच समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। समय पर मिली सूचना और त्वरित कार्रवाई से महिला को असहाय अवस्था से बाहर निकालकर सुरक्षित पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सका।महिला सुरक्षा से जुड़ी इस पहल में सहायता का उद्देश्य केवल तत्काल संरक्षण उपलब्ध कराना नहीं रहा, बल्कि परिवार के भीतर संवाद बहाल कर महिला को सम्मान और सुरक्षा के साथ उसके घर तक पहुंचाना भी रहा। वन स्टॉप सेंटर की काउंसलिंग और विभिन्न स्तरों पर किए गए समन्वित प्रयासों से यह संभव हो सका।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786