बिहार में कानून-व्यवस्था पर सख्ती, मुख्य सचिव ने SP को दिए कड़े निर्देश

पटना
बिहार के जमुई, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में कानून को चुनौती देने वाली वारदातों के बाद सिस्टम को टाइट किया जा रहा है। सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी को प्रभावी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी एसपी से कहा है कि अपराधियों में कानून का डर पैदा करें। शिथिल कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसपी पुलिस बल के वास्तविक लीडर के रूप में कार्य करें और अपने जिले की कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी लें। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि प्रत्येक जिले के डीएम और एसपी के कामकाज का मूल्यांकन उनकी त्वरित प्रतिक्रिया, जनता से मिलने वाले फीडबैक और धरातल पर दिखने वाली सुरक्षा के आधार पर किया जाएगा।

मुख्य सचिव ने गुरुवार को वीसी के माध्यम से कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक की और अपराध मुक्त समाज बनाने को लेकर कई सख्त निर्देश दिये। बैठक में राज्य के सभी डीएम व एसपी मौजूद थे। उन्होंने सभी से कहा कि प्रशासन के ‘इकबाल’ से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। कानून हाल में कायम रहना चाहिए और बदलाव दिखने चाहिए। मुख्य सचिव ने सघन गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि अनुमंडल स्तर तक कड़ी निगरानी रखें। खराब प्रदर्शन करने वाले या गैर-गंभीर पुलिस अधिकारियों को उनके पदों से तुरंत हटायें व सख्त कार्रवाई करें। तेज तर्रार पुलिस पदाधिकारियों को प्रोत्साहित करें ताकि वे और मनोयोग से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करें।

पुलिस मुख्यालय के अधिकारी जिलों में करेंगे रात्रि विश्राम
मुख्य सचिव ने पुलिस को हमेशा गतिशील और अलर्ट रहने को कहा है। निर्देश दिया कि अपराधियों पर नकेल कसने के लिए रणनीतिक स्थानों पर तुरंत चेकपोस्ट लगाएं। मुख्य सचिव ने कहा कि रिपोर्टिंग और मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए मुख्यालय के पुलिस अधिकारियों को जिलों के साथ टैग किया जाएगा। मुख्यालय के अधिकारी जिलों में जाकर विजिट करें व वहीं पर रात्रि विश्राम करेंगे। इससे जिलों के कानून व्यवस्था की सच्ची और असली तस्वीर अधिकारियों के सामनेन आएगी।

पर्व-त्योहार में खास निगरानी
मुख्य सचिव ने कहा है कि त्योहारों के सीजन में सभी डीएम और एसपी अतिरिक्त सतर्कता बरतें। सामाजिक सद्भाव या शांति भंग करने के उद्देश्य से फैलाई जाने वाली भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ‘रैपिड एक्शन पॉलिसी’ के तहत कार्य करे। फेक न्यूज को बढ़ावा देने वाले तत्वों के खिलाफ तुरंत और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने हालिया घटनाओं में पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। जमुई कांड में दो सौ से अधिक सोशल मीडिया हैंडल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसपी ने कहा है कि भ्रामक सूचना प्रसारित करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

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