पंजाब में 17 साल की युवती ने घर से भागकर किया निकाह, हाईकोर्ट ने दी सुरक्षा

चंडीगढ़
 पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मुस्लिम व्यक्तिगत कानून से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि यौवन प्राप्त कर चुका मुस्लिम लड़का या लड़की अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह कर सकता है। अदालत ने कहा कि मुस्लिम व्यक्तिगत कानून में सामान्यतः 15 वर्ष की आयु को यौवन की आयु माना जाता है, जब तक इसके विपरीत कोई प्रमाण सामने न हो। हालांकि, हाईकोर्ट ने संबंधित निकाह की वैधता पर कोई अंतिम राय नहीं दी है।

मामला लुधियाना का है, जहां 17 वर्ष 8 माह की युवती ने परिवार की इच्छा के विरुद्ध 26 वर्षीय युवक से निकाह किया था। दोनों मुस्लिम हैं और उनका कहना था कि वे एक-दूसरे को कुछ समय से जानते हैं तथा आपसी सहमति से साथ रहना चाहते हैं। याचिका के अनुसार युवती के पिता इस रिश्ते के खिलाफ थे। इसके बाद युवती ने 22 अगस्त 2026 को अपना पैतृक घर छोड़ दिया और उसी दिन मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार युवक से निकाह कर लिया।

परिवार की धमकियों के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा
परिवार की ओर से विरोध और कथित धमकियों के चलते दोनों ने 30 अगस्त को पुलिस के समक्ष जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए शिकायत दी। उन्होंने अदालत से पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की और आशंका जताई कि परिवार की ओर से उन्हें नुकसान पहुंचाया जा सकता है। मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने मुस्लिम व्यक्तिगत कानून के प्रावधानों पर विचार किया।

पसंद से विवाह की स्वतंत्रता
अदालत ने कहा कि मुस्लिम कानून के तहत यौवन प्राप्त कर चुका लड़का या लड़की अपनी पसंद से विवाह करने के लिए स्वतंत्र है। मुस्लिम व्यक्तिगत कानून में सामान्यतः 15 वर्ष की आयु को यौवन प्राप्त करने की उम्र माना जाता है, जब तक इसके विपरीत कोई प्रमाण उपलब्ध न हो।

हालांकि, अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर दोनों के निकाह की वैधता पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दे रही है। याचिका का उद्देश्य मुख्य रूप से जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा प्राप्त करना था।

हाईकोर्ट ने अंततः याचिका का निपटारा करते हुए लुधियाना ग्रामीण के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह 30 अगस्त को दी गई सुरक्षा संबंधी शिकायत पर विचार करें। पुलिस को मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के अनुसार कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786