आस्था और इतिहास का अद्भुत संगम: उत्तर भारत का गौरव है जम्मू का ऐतिहासिक रघुनाथ मंदिर

जम्मू। उत्तर भारत के सबसे भव्य और विशाल धार्मिक स्थलों में शुमार जम्मू का प्रसिद्ध रघुनाथ मंदिर सदियों से श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र बना हुआ है। भगवान विष्णु (रघुनाथ जी) को समर्पित यह ऐतिहासिक मंदिर अपनी समृद्ध डोगरा विरासत, बेजोड़ वास्तुकला और दुर्लभ आध्यात्मिक धरोहरों के लिए दुनिया भर में विशिष्ट पहचान रखता है।

डोगरा शासकों की ऐतिहासिक देन
मंदिर की नींव डोगरा राजवंश के संस्थापक महाराजा गुलाब सिंह ने वर्ष 1835 में रखी थी। उनके विज़न को साकार करते हुए उनके सुपुत्र महाराजा रणबीर सिंह ने वर्ष 1860 में इसका निर्माण कार्य पूर्ण कराया। लगभग 25 वर्षों के अथक प्रयासों के बाद यह भव्य परिसर अपने वर्तमान स्वरूप में सामने आया।

वास्तुकला और दुर्लभ आध्यात्मिक वैभव
रघुनाथ मंदिर परिसर न केवल अपनी धार्मिक महत्ता बल्कि स्थापत्य कला के लिए भी जाना जाता है:
सात भव्य शिखर: पूरे परिसर में सात अलग-अलग मंदिर स्थापित हैं, जिनमें से प्रत्येक का अपना ऊंचा और नक्काशीदार शिखर है।
स्वर्ण जड़ित गर्भगृह: मुख्य मंदिर के गर्भगृह की तीन तरफ की दीवारें सोने की चमकदार चादरों से सुसज्जित हैं, जो इसकी भव्यता में चार चांद लगाती हैं।
समस्त देव स्वरूपों का वास: भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी के साथ-साथ यहाँ सनातन धर्म के लगभग सभी प्रमुख देवी-देवताओं व रामायण कालीन पात्रों की प्रतिमाएं प्रतिष्ठित हैं।
अद्वितीय शिवलिंग व प्रतिमाएं: पंडित राकेश शास्त्री के अनुसार, मंदिर में सवा बारह लाख शालिग्राम शिलाओं की परिक्रमा मौजूद है। इसके अलावा, यहाँ जर्मनी से लाया गया विश्व का पहला दुर्लभ स्फटिक शिवलिंग और भारत की सबसे बड़ी भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित है।
ज्ञान का खजाना: परिसर में स्थित ऐतिहासिक पुस्तकालय में शारदा लिपि, संस्कृत और विभिन्न भारतीय भाषाओं की हज़ारों दुर्लभ पांडुलिपियाँ सुरक्षित हैं।

सुरक्षा का कड़ा पहरा
अतीत में आतंकी हमलों का निशाना बनने के बाद भी इस पावन धाम की महिमा और भक्तों के विश्वास में कोई कमी नहीं आई। वर्तमान में मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत चाक-चौबंद रखी गई है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु कड़े सुरक्षा घेरे के बीच निर्भय होकर प्रभु श्रीराम के दर्शन करते हैं।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786