चंडीगढ़
‘सिटी ब्यूटीफुल’ अब सिर्फ फिल्मों के पर्दे पर नजर आने वाला शहर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माताओं के लिए शूटिंग का पसंदीदा गंतव्य बनाने की दिशा में प्रशासन कदम बढ़ा रहा है। यहां कई फिल्मों की शूटिंग हो चुकी है।
अब देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं को चंडीगढ़ की ओर आकर्षित करने के लिए प्रशासन ने फिल्म शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत अलग-अलग विभागों से अनुमति लेने की प्रक्रिया को एक जगह लाया गया और बाद में इसे पूरी तरह ऑनलाइन भी कर दिया गया।
प्रशासन की कोशिश अब केवल फिल्मों में चंडीगढ़ को दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि चंडीगढ़ को खुद एक ‘फिल्मिंग डेस्टिनेशन’ और सिनेमाई पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने की है।
इसी प्रयास के तहत चंडीगढ़ टूरिज्म ने पहली बार पिछले सप्ताह श्रीनगर में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल अाफ जम्मू एंड कश्मीर -2026 में हिस्सा लिया और देश-दुनिया के फिल्म निर्माताओं के सामने शहर की फिल्म शूटिंग क्षमता और खूबसूरती को पेश किया।
चंडीगढ़ में इन फिल्मों की हो चुकी शूटिंग
क्रम फिल्म का नाम
1 धुरंधर
2 इंडियन-2
3 जट्ट एन जूलियट
4 कैरी ऑन जट्टा
5 द डिप्लोमैट
6 सैम बहादुर
7 शेरशाह
8 फ्लाइंग जट्ट
9 बेशरम
10 निक्का जैलदार
11 जर्सी
12 लाल सिंह चड्ढा
13 पिल
14 दोस्ताना
15 जीरो डार्क थर्टी
2004 से फिल्म निर्माताओं के लिए आसान रास्ता
प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का भी विशेष फोकस है चंडीगढ़ ज्यादा से ज्यादा फिल्मों में दिखाई दे। चंडीगढ़ में फिल्म और टेलीविजन शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग का फिल्म फैसिलिटेशन सेल वर्ष 2004 से काम कर रहा है।
पहले फिल्म निर्माताओं को शूटिंग के लिए अलग-अलग विभागों से एनओसी लेनी पड़ती थी। इसे आसान बनाने के लिए पर्यटन विभाग ने सिंगल विंडो व्यवस्था शुरू की, जिसके माध्यम से जरूरी अनुमतियां एक ही व्यवस्था के तहत उपलब्ध कराई जाने लगीं।
इसके बाद शहर में हिंदी और क्षेत्रीय फिल्मों के साथ टीवी धारावाहिकों की शूटिंग में भी बढ़ोतरी हुई।1 अप्रैल 2022 से शूटिंग की अनुमति की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई।
फिल्म निर्माता ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और अनुमति प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाया जाता है। चंडीगढ़ टूरिज्म की यह व्यवस्था शहर में ‘ईज ऑफ फिल्मिंग’ को मजबूत करने के साथ सिनेमाई पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश का अहम हिस्सा है।
फिल्मों में चंडीगढ़ की अलग पहचान
चंडीगढ़ फिल्म निर्माताओं के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि एक ही शहर में आधुनिक वास्तुकला, सुनियोजित सेक्टर, चौड़ी सड़कें, हरियाली, विरासत स्थल, बाग और प्राकृतिक खूबसूरती के अलग-अलग दृश्य मिल जाते हैं।
ली कार्बुजिए की वास्तुकला से लेकर सुखना झील, राॅक गार्डन, रोज गार्डन और कैपिटल कॉम्प्लेक्स तक शहर का हर हिस्सा कैमरे के लिए अलग पृष्ठभूमि उपलब्ध कराता है।
चंडीगढ़ टूरिज्म ने इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जारी किए गए सिनेमैटिक टूरिज्म ब्रोशर में भी इन्हीं खूबियों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। इसमें शहर की वास्तुकला, सुनियोजित शहरी ढांचे, सांस्कृतिक विरासत, बागों और प्रमुख पर्यटन स्थलों को फिल्म शूटिंग के लिए संभावित लोकेशन के रूप में पेश किया गया है।
पर्दे से पर्यटन तक का सफर
प्रशासन अब फिल्मों में दिखाई देने वाली लोकेशनों को पर्यटन से जोड़ने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। जिस जगह को दर्शक फिल्म में देखते हैं, उसे वास्तविक जीवन में देखने के लिए पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है। इस तरह फिल्म शूटिंग से शहर को प्रचार मिलने के साथ होटल, परिवहन, खानपान और स्थानीय पर्यटन गतिविधियों को भी फायदा मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहली बार चंडीगढ़ की दस्तक
7 से 10 सितंबर तक श्रीनगर, जम्मू और गुलमर्ग में आयोजित इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चंडीगढ़ की पहली भागीदारी इसी रणनीति का हिस्सा है। महोत्सव में 41 देशों की 135 फिल्मों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
चंडीगढ़ टूरिज्म ने यहां फिल्म निर्माताओं, प्रोडक्शन हाउस और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को शहर में शूटिंग के लिए आमंत्रित किया। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव सैयद आबिद रशीद शाह का कहना है कि चंडीगढ़ की अलग पहचान और खूबसूरती को वैश्विक फिल्म समुदाय तक ले जाना उद्देश्य है।
प्रशासन चाहता है कि फिल्म निर्माता चंडीगढ़ को केवल कहानी की पृष्ठभूमि के तौर पर नहीं, बल्कि फिल्म निर्माण और सिनेमाई पर्यटन के एक प्रमुख गंतव्य के रूप में देखें।यानी अब चंडीगढ़ की कहानी सिर्फ फिल्मों में नहीं होगी—प्रशासन चाहता है कि फिल्मों की अगली कहानी भी चंडीगढ़ में लिखी जाए।









