रोहतक.
प्रशासनिक संवेदनशीलता की मिसाल उस समय देखने को मिली, जब लघु सचिवालय में अपने बेटों को जमीन में हिस्सेदारी देने पहुंची 95 वर्षीय बीमार महिला सुरती देवी को कार्यालय के अंदर लाना संभव नहीं हुआ।
महिला की परेशानी को देखते हुए एसडीएम आशीष कुमार स्वयं पार्किंग में खड़ी उनकी कार तक पहुंचे और वहीं बैठकर उनके बयान दर्ज किए। सुरती देवी बीमारी के कारण कार से उतरने की स्थिति में नहीं थीं। जमीन में अपने बेटों को हिस्सेदारी देने संबंधी कार्रवाई के लिए उनके बयान और तस्दीक जरूरी थी। ऐसे में एसडीएम ने बुजुर्ग महिला को कार्यालय तक बुलाने के बजाय खुद उनके पास पहुंचकर पूरी प्रक्रिया पूरी कराई।
एसडीएम आशीष कुमार ने कार में ही महिला से बातचीत कर उनके बयान लिए और पूरी जानकारी समझने के बाद उनकी तस्दीक करवाई। इसके बाद महिला से अंगूठा भी लगवाया गया। एसडीएम के इस संवेदनशील रवैये से वहां मौजूद लोगों ने भी सराहना की। लोगों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी यदि इसी तरह बुजुर्गों और जरूरतमंदों की परिस्थितियों को समझकर उनकी सुविधा के अनुसार सेवाएं दें तो सरकारी व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।









