लखनऊ
योगी सरकार की उपलब्धियों और प्रदेश में आए बदलाव को युवा पीढ़ी के नजरिए से सामने लाने की तैयारी है। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग की मासिक पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ को हिंदी के साथ अंग्रेजी में प्रकाशित करने और इसे युवाओं के अनुकूल ऑनलाइन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के निदेशक विशाल सिंह ने शुक्रवार को पत्रिका में उत्कृष्ट लेखन करने वाले लेखकों के सम्मान समारोह में इसकी जानकारी दी। सूचना निदेशालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भविष्य जेन जी और युवाओं का है, इसलिए सरकार की योजनाओं, उपलब्धियों और प्रदेश के बदलाव को उनके नजरिए से देखने और उन तक पहुंचाने की जरूरत है।
प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित सूचना विभाग के नियमित प्रकाशन हिंदी मासिक पत्रिका ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के अप्रैल-मई और जून-जुलाई अंकों में उत्कृष्ट लेखन करने वाले लेखकों को समारोह में सम्मानित किया गया। लेखकों को पुष्पगुच्छ, प्रमाणपत्र और अंगवस्त्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम को सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग के अपर निदेशक अरविन्द कुमार मिश्र ने भी संबोधित किया।
‘साढ़े नौ साल में बदला यूपी, अच्छी योजनाओं की जानकारी जनता तक पहुंचाना हमारा प्रयास’
सूचना निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। योगी सरकार अच्छा काम कर रही है और हमारा प्रयास होना चाहिए कि सरकार की अच्छी योजनाओं और उनके परिणामों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। इसके लिए लेखकों और बुद्धिजीवियों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सकारात्मक और तथ्यपरक लेखन न केवल योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाता है, बल्कि समाज को नई दिशा में सोचने के लिए भी प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि आज हम जिस मुकाम पर खड़े हैं, वहां तक पहुंचने के पीछे लंबे संघर्ष और प्रयास की कहानी है। नई पीढ़ी को यह भी बताना होगा कि वर्तमान में जो उपलब्धियां हमारे सामने हैं, उन्हें हासिल करने के पीछे किस तरह के प्रयास और संघर्ष रहे हैं।
भविष्य जेन जी और यूथ का, उनके लेंस से देखना होगा
सूचना निदेशक विशाल सिंह ने कहा कि समाज तेजी से बदल रहा है। अब जेन जी और जेन अल्फा को ध्यान में रखते हुए संवाद और सूचनाओं को प्रस्तुत करने के तरीके पर भी विचार करना होगा। भविष्य युवाओं का है, इसलिए अलग-अलग सेक्टर में हो रहे विकास और बदलाव को यूथ के लेंस से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से युवाओं को अधिक प्रभावी तरीके से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पत्रिका को ऑनलाइन माध्यम पर युवा पाठकों की जरूरत और उनकी रुचि को ध्यान में रखते हुए प्रस्तुत करने की दिशा में काम होगा।
‘उत्तर प्रदेश संदेश’ में हिंदी के साथ होंगे अंग्रेजी के भी लेख
सूचना निदेशक ने कहा कि अभी ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ हिंदी में प्रकाशित हो रही है। भविष्य में इसमें अंग्रेजी के लेख प्रकाशित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा। इस पत्रिका के जरिए उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास और सरकार की उपलब्धियों से जुड़ी सामग्री अधिक व्यापक पाठक वर्ग तक पहुंच सकेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग सेक्टरों को युवाओं के नजरिए से देखने और विषयों को नई पीढ़ी की अपेक्षाओं के अनुरूप प्रस्तुत करने की कोशिश होनी चाहिए।
‘सम्मान से मिलता है नया करने का प्रोत्साहन’
कार्यक्रम में विशाल सिंह ने कहा कि सम्मान देना भारत की सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा है। किसी लेखक को उसके कार्य के लिए सम्मान मिलने से उसका मनोबल बढ़ता है और कुछ नया करने का उत्साह पैदा होता है। उन्होंने कहा कि जिन विद्वानों को सम्मानित किया जा रहा है, उनका पत्रकारिता, लेखन और समाज सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बौद्धिक योगदान रहा है। इनमें कई लोगों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा पत्रकारिता, लेखन और समाज सेवा को समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट लेखन के मद्देनजर यह सम्मान भले ही कम लग रहा हो, लेकिन इसके पीछे विभाग की भावनाएं बड़ी हैं। लेखकों को सम्मानित करने की यह प्रक्रिया आगे भी अनवरत जारी रहेगी। उन्होंने आयोजन के लिए सूचना विभाग की पूरी टीम को धन्यवाद दिया और सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी।
अप्रैल-मई अंक के इन लेखकों को मिला सम्मान
‘उत्तर प्रदेश संदेश’ के अप्रैल-मई अंक में सुरक्षा एवं सुशासन सेक्टर में उल्लेखनीय लेखन के लिए लखनऊ के प्रद्युम्न तिवारी को सम्मानित किया गया। समाज कल्याण सेक्टर में लखनऊ की पायल लक्ष्मी सोनी और हाथरस की डॉ. शिवानी कटारा को सम्मान मिला। इसी तरह शिक्षा सेक्टर में उत्कृष्ट लेखन के लिए गोरखपुर की ऋचा सिंह, कृषि सेक्टर में सिद्धार्थनगर की यशोदा श्रीवास्तव और अवस्थापना एवं संबद्ध सेक्टर में उत्कृष्ट लेखन के लिए लखनऊ के सियाराम पांडेय ‘शांत’ को सम्मानित किया गया।
जून-जुलाई अंक के इन लेखकों को मिला सम्मान
जून-जुलाई अंक में संतुलित विकास सेक्टर में उत्कृष्ट लेखन के लिए देवरिया के डॉ. सौरभ मालवीय, कृषि एवं सम्बद्ध सेक्टर में प्रयागराज के वीरेन्द्र पाठक और नगर एवं ग्राम्य विकास सेक्टर में लखनऊ के रुद्रेश घिल्डियाल को सम्मानित किया गया। वहीं, पर्यटन सेक्टर में उत्कृष्ट लेखन के लिए महाराजगंज के रवि प्रकाश और शिक्षा सेक्टर में उत्कृष्ट लेखन के लिए आगरा की डॉ. सोनाली शुभम् को सम्मान प्रदान किया गया।
प्रदेश के विद्वान लेखकों से पत्रिका से जुड़ने का किया आह्वान
सूचना निदेशक ने प्रदेश के विद्वानों और लेखकों से ‘उत्तर प्रदेश संदेश’ से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकार की उपलब्धियों, प्रदेश के विकास और समाज में हो रहे सकारात्मक बदलाव पर लेखक अपने अनुभव, विचार और बौद्धिक योगदान के माध्यम से पत्रिका को और समृद्ध करें। उन्होंने सम्मानित वरिष्ठ लेखकों की उपस्थिति को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक आयोजनों का सिलसिला आगे भी जारी रहना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में और अधिक लेखक पत्रिका से जुड़ेंगे और प्रदेश के विकास की यात्रा को अपने लेखन के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाएंगे।
इस दौरान वरिष्ठ वित्त एवं लेखाधिकारी संजय कुमार सिंह, सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डा. जितेन्द्र प्रताप सिंह, चन्द्र विजय वर्मा, अमित कुमार यादव एवं सहयुक्त संपादक अजय कुमार द्विवेदी, उप संपादक दिनेश कुमार गुप्ता सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।









