लक्ष्मी योजना में तीन बच्चों की सीमा पर सीएम रेखा गुप्ता ने दिया बड़ा बयान

नई दिल्ली
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी योजना के तहत तीन बच्चों की सीमा का बचाव करते हुए बड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि महिला बच्चे पैदा करने की मशीन नहीं है और उसकी सेहत सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। दिल्ली विधानसभा में बोलते हुए, रेखा गुप्ता ने कहा कि बार-बार गर्भवती होने से महिला की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने तर्क दिया कि तीन बच्चों की शर्त का मकसद महिलाओं की सुरक्षा करना था, न कि किसी समुदाय के साथ भेदभाव करना।

रेखा गुप्ता ने क्या कहा
रेखा गुप्ता ने कहा, 'बीजेपी सरकार उस सोच का समर्थन नहीं करती जिसमें महिलाओं को बेटा पाने की उम्मीद में ज्यादा बच्चे पैदा करने के लिए मजबूर किया जाता है। यह शर्त सभी महिलाओं पर समान रूप से लागू होती है, चाहे उनका धर्म या सामाजिक पृष्ठभूमि कुछ भी हो।' उन्होंने आगे कहा कि महिलाएं खुद ऐसा प्रावधान चाहती थीं ताकि वे योजना के फायदों और अपनी सेहत के बीच संतुलन बना सकें।

'लक्ष्मी योजना में 5100 करोड़ रुपये आवंटित'
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं और पहले तीन साल के चरण में 17 लाख महिलाओं को इसका फायदा देने का लक्ष्य रखा है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि विपक्ष में बैठे कुछ लोग, जो खुद को महिलाओं का हितैषी बताते हैं, उनमें सरकार का जवाब सुनने की हिम्मत नहीं थी जब इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी। इसीलिए वे सदन से बाहर चले गए।

'1000 रुपये डिजिटल वॉलेट में, 1500 FD/RD में'
वित्तीय लाभ देने के तरीके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,000 रुपये डिजिटल वॉलेट के जरिए दिए जाएंगे और 1,500 रुपये FD/RD में जमा किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह सोच-समझकर बनाई गई नीति है ताकि महिलाओं के पास घर के खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पैसे हों, जबकि 1,500 रुपये बचत के तौर पर जमा होते रहें।

पिंक कार्ड पर ये बोलीं दिल्ली की सीएम
पिंक कार्ड के सिर्फ दिल्ली की महिलाओं के लिए होने पर उठाए गए सवालों पर रेखा गुप्ता ने कहा कि पिछली सरकार के लोग दिल्ली में रहते थे लेकिन पूरे देश में राजनीति करते थे। मौजूदा सरकार ऐसे काम नहीं करती। उसका मानना ​​है कि दिल्ली के लोगों का पैसा दिल्ली में ही खर्च होना चाहिए और इसका फायदा दिल्ली के लोगों को ही मिलना चाहिए।

लड़कियों की साइकिल योजना पर ये बोलीं
लड़कियों को साइकिल देने की योजना पर विपक्ष की कथित टिप्पणियों पर आपत्ति जताते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे नेताओं को लड़कियों की शिक्षा, भविष्य और जरूरतें नहीं दिखतीं। उन्हें सिर्फ चुनावी प्रचार दिखता है। इस योजना का मकसद 'विद्या वाहिनी' के जरिए लड़कियों को आसानी से स्कूल पहुंचाने, उनकी शिक्षा जारी रखने और स्कूल छोड़ने की दर को कम करने में मदद करना है।

 

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