नई दिल्ली
भारतीय पुरुष हॉकी टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन विश्व कप में भारत के 51 साल से चले आ रहे पदक के सूखे को खत्म करने के लिए दृढ़ हैं और उन्होंने कहा कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली टीम आने वाले बड़े टूर्नामेंट में इतिहास रचना चाहती है।
फुल्टन की देखरेख में भारत ने पेरिस ओलंपिक में लगातार दूसरा कांस्य पदक जीता था और अब वह वह अच्छी तरह जानते हैं कि अगर भारत को नीदरलैंड्स और बेल्जियम में 15 से 30 अगस्त तक होने वाले विश्व कप में लंबे समय बाद मेडल जीतना है तो लगातार अच्छा प्रदर्शन करना बहुत जरूरी होगा।
51 साल गोल्ड मेडल का सूखा
आठ बार ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने वाले भारत के नाम सिर्फ तीन विश्व कप पदक हैं। इनमें से आखिरी बार 1975 में कुआलालंपुर में अजीत पाल सिंह की कप्तानी में स्वर्ण पदक जीता गया था।
51 वर्षीय दक्षिण अफ्रीकी कोच फुल्टन ने कहा कि जरूरी बात यह है कि विश्व कप में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया जाए और उस लय को एशियाई खेलों में भी बरकरार रखा जाए। हमने पेरिस में दिखाया था कि हम अनुभवी और युवा खिलाड़ियों वाली टीम उतार सकते हैं। अब भी हमारे पास अच्छा मौका है और हम किसी भी दिन किसी भी टीम को हरा सकते हैं।









