श्रावणी मेले के लिए मोबाइल एप तैयार, लाइव दर्शन से रूट मैप तक मिलेगी सुविधा

 पटना
श्रावणी मेले को लेकर नगर निगम और स्मार्ट सिटी मोबाइल एप बना रहा है। सावन माह में इसे चालू करने की तैयारी है। इस एप में वर्चुअल पूजा, लाइव दर्शन, भीड़ की ताजा स्थिति, शिव भजन की सुविधा से लेकर मेला रूट, धर्मशाला, कांवरिया शिविर की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। इसके अलावा चिकित्सा शिविर, पार्किंग, होटल, एटीएम, पानी, टॉयलेट, बाथरूम, रेस्ट रूम सहित अन्य जानकारी उपलब्ध होगी।

यह एप एंड्रायड प्लेटफॉर्म पर मुफ्त उपलब्ध होगा। श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भक्तिमय अनुभव देने के लिए यह एप बनाया जा रहा है। इसके जरिए श्रद्धालु आसानी से बाबा गरीबनाथ मंदिर तक पहुंच सकेंगे। इससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा होगी।

ऑनलाइन मेला क्विज प्रतियोगिता भी होगी
मोबाइल एप पर क्विज और फोटो प्रतियोगिता भी होगी। इसमें मेला से जुड़ी फोटो अपलोड करनी होगी। क्विज में सवालों का जवाब देना होगा। फोटो शेयरिंग (तस्वीरें डालने) और क्विज (प्रश्नोत्तरी) प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

एप में होंगी ये सुविधाएं
1. लाइव दर्शन : बाबा गरीबनाथ मंदिर से सीधा प्रसारण।

2. भीड़ की स्थिति : मंदिर क्षेत्र में भीड़ की लाइव जानकारी।

3. शिव भजन : भक्तिमय भजन उपलब्ध होंगे।

4. रूट मैप व लोकेशन ट्रैकिंग : धर्मशाला, भंडारा, पार्किंग, शौचालय आदि की जानकारी।

5. आपातकालीन सहायता : खोया-पाया, आपातकालीन नंबर आदि भी उपलब्ध
बाबा गरीबनाथ पर चढ़ाए गए फूल-बेलपत्र से बनेगी खाद

बाबा गरीबनाथ पर चढ़ाए गए फूल-बेलपत्र से खाद बनेगी। सावन में बड़ी संख्या में कांवरिया व श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं। विशेषकर सोमवारी की पूजा के बाद मंदिर से तीन टन से अधिक फूल व बेलपत्र आदि निकलते हैं।

मंदिर में चढ़ाए गए फूल, बेलपत्र आदि का उठाव हाथ ठेला से किया जाएगा। इसको लेकर नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने वाहन यार्ड सह वर्कशॉप प्रभारी को जरूरत के अनुसार ठेला उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। सफाई प्रभारी अजय कुमार के मुताबिक, मंदिर से उठाए गए फूल-बेलपत्र की डंपिंग चंदवारा पिट में होती है। वहां पहले गीले फूल व बेलपत्र को सुखाया जाता है। इसके बाद उससे खाद बनाया जाता है। सावन के अलावा अन्य दिनों में भी मंदिर परिसर से उठाए गए फूल आदि को भी चंदवारा पिट में ही डंप किया जाता है।

अगरबत्ती बनाने की योजना फाइलों में बंद
बाबा गरीबनाथ मंदिर के साथ ही शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में चढ़ाए जाने वाले फूलों से अगरबत्ती बनाने का योजना सालभर से निगम की फाइलों में बंद है। पिछले साल तत्कालीन नगर आयुक्त विक्रम विरकर के निर्देश पर इस योजना पर काम शुरू हुआ था। इसके लिए निगम के चार कर्मियों को अगरबत्ती बनाने की ट्रेनिंग लेने उज्जैन नगर निगम भेजा गया था। वहां पहले से फूलों से अगरबत्ती बनाई जा रही है। हालांकि, निगमकर्मियों के ट्रेंड होकर लौटने के बाद अब तक योजना में कोई प्रगति नहीं हो सकी है।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786