राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर हाईकोर्ट पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन, जबलपुर में दायर की याचिका

जबलपुर 
 कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन राज्यसभा का नामांकन पत्र रद्द करने के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका लगाने पहुंची. उन्होंने कहा "मेरा नामांकन पत्र जिस आधार पर रद्द किया गया, उस मामले को संज्ञान तक नहीं लिया गया था. चुनाव आयोग पूरी तरह से कॉम्प्रोमाइज है. 45 दिन की अवधि में हमें इस मामले को कोर्ट के सामने रखना था. इसलिए हम मध्य प्रदेश हाई कोर्ट पहुंचे हैं और चुनाव याचिका लगा रहे हैं। 

दिल्ली में छात्रों पर बर्बरता किसके इशारे पर
मीनाक्षी नटराजन ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा "यह मौजूदा भारतीय जनता पार्टी सरकार के खिलाफ टर्निंग पॉइंट है. सरकार की नीतियों के खिलाफ जब भी आंदोलन होते हैं तो आंदोलनकारियों को देशद्रोही करार दिया जाता है लेकिन अब जनता समझ गई है. सोमवार का दिन भारत के इतिहास में काला दिन के रूप में लिखा जाएगा। 

उन्होंने कहा "लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले छात्रों पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक डंडे बरसाए. यह देश देख रहा है कि किसके इशारे पर छात्रों के ऊपर डंडे बरसाए गए. क्योंकि सभी को पता है कि देश का गृह विभाग किसके पास है. अब तक के सभी आंदोलन के बाद एक सा पैटर्न देखने को मिला है, जिसमें आंदोलनकारियों को आतंकवादी करार दिया जाता है। 

सोनम वांगचुक के साथ गलत सुलूक
मीनाक्षी नटराजन का कहना है "सोनम वांगचुक के साथ जो व्यवहार किया गया, वह भी आपत्तिजनक है. उन्हें जबरन धरनास्थल से उठाया गया और फिर अपनी मर्जी के अस्पताल में इलाज तक नहीं करवाने दिया जा रहा है. नीट परीक्षा में जिन बच्चों ने जान गंवाई, हम उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. आंदोलन में भी जो लोग घायल हुए हैं, उनके प्रति भी हमारी सहानुभूति है। 

"पिछले दिनों हमने 4 बड़े आंदोलन देखे, जो आम लोगों ने किए. किसान आंदोलन दिल्ली की सड़कों पर 1 साल तक चला, जिसमें 700 लोग शहीद हुए. सरकार तब तक नहीं मानी, जब तक कि चुनाव करीब नहीं आ गया. चुनाव के ठीक पहले सरकार झुकी और तीन काले कानून वापस लिए। 

बीजेपी का असली चेहरा सामने आया
कांग्रेस नेत्री मीनाक्षी नटराजन ने कहा "सीएए, एनआरसी को लेकर भी महिलाओं ने आंदोलन किया और राहुल गांधी ने पैदल यात्रा की. इसके बाद दिल्ली में छात्रों का आंदोलन. ऐसा लगता है कि ये आंदोलन टर्निंग पॉइंट है. क्योंकि आजादी के आंदोलन में जब युवाओं और छात्रों पर लाठियां चली थी तो वह टर्निंग पॉइंट बना था. भारतीय जनता पार्टी सरकार का चाल, चरित्र और चेहरा साफ होना शुरू हो गया है, जिस तरह किसानों को खालिस्तान कहना शुरू कर दिया था, इसी तरह अब छात्रों को आतंकवादी कहना और देशद्रोही कहना शुरू कर दिया है। 

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786