यमुना जल समझौते पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जयपुर में नागरिक अभिनंदन

जयपुर
शेखावाटी क्षेत्र के लिए यमुना जल समझौते को साकार करने पर शेखावाटी फाउंडेशन की ओर से सोमवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का नागरिक अभिनंदन किया गया। बिड़ला सभागार में आयोजित समारोह में बड़ी संख्या में शेखावाटी क्षेत्र से जुड़े जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, उद्यमियों, शिक्षाविदों, किसानों, युवाओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शेखावाटी केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं, बल्कि धर्म, अध्यात्म, संत परंपरा और वीरता की पहचान है। यहां के साधु-संत और आध्यात्मिक चेतना व नैतिक मूल्यों की प्रेरणा देते रहे हैं। सबसे ज्यादा गर्मी और सर्दी शेखावटी में ही पड़ती है। यहां से कुछ प्रवासी व्यापार के लिए गए तो कुछ अभावों में बाहर गए।

उन्होंने कहा, शेखावाटी ने अभावों से लड़कर देश-दुनिया में अपनी पहचान बनाई है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने माथे पर कलश रखा। प्रतीकात्मक रूप में यमुना का पानी शेखावाटी के कलश में डाला गया। पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा, अब शेखावाटी को फ्लोराइड युक्त पानी से निजात मिलेगी।

कांग्रेस समझौता रद्द करना चाहती थी : सीएम
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला भी बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार केंद्र, हरियाणा और राजस्थान में कांग्रेस की सरकारें रहीं, तब भी शेखावाटी को यमुना का पानी दिलाने की कोई पहल नहीं हुई। हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने उनकी पार्टी की सरकार बनने पर राजस्थान के साथ हुए यमुना जल समझौते को रद्द करने की बात कही। राजस्थान के कांग्रेस नेता वहां उसका समर्थन करते नजर आए।

शेखावाटी क्षेत्र की बदलेगी तस्वीर-तकदीर
फाउंडेशन के अध्यक्ष विनोद गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्षों से लंबित यमुना जल समझौते को नई दिशा और गति मिली है। यह निर्णय शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों की आशाओं से जुड़ा है और आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य का आधार बनेगा। राष्ट्रीय महामंत्री गजानंद शर्मा और कार्यक्रम संयोजक राष्ट्रीय हरि शर्मा ने कहा कि यमुना जल उपलब्ध होने से शेखावाटी क्षेत्र की तस्वीर-तकदीर बदलेगी। पेयजल-सिंचाई की सुविधाओं में विस्तार होने के साथ कृषि, उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे।

नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा, यमुना का जल पाइप लाइन से मिलने के कारण किसानों की भूमि अधिग्रहित करनी नहीं करनी पड़ेगी। केवल पाइपलाइन डालने के समय एक या दो फसलों का मुआवजा ही किसानों को देना पड़ेगा। कार्य हो जाने के बाद किसान फिर से भूमि का उपयोग कर सकेंगे। विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, प्रकाश अग्रवाल, डॉ. एसपी यादव सहित अन्य प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786