रांची
रांची विश्वविद्यालय में पीएचडी करने वालों को अब पूरी सुविधा मिलने वाली है। किस विषय में कौन शोध कर रहा है और किस विषय में कितनी सीटें खाली है उसकी पूरी जानकारी अब वेबसाइट पर विद्यार्थियों को प्राप्त होंगी।
इसके अलावा प्रत्येक गाइड को कम से कम दो अंतरराष्ट्रीय शोधार्थी को प्राथमिकता देनी होगी। ये सारी बातें रांची विवि में तैयार की जा रही पीएचडी रेगुलेशन 2022 के नए एसओपी में इन बातों को शामिल किया गया है। इसके अलावा एनइपी 2020 के तहत जो विद्यार्थी चार वर्ष की पढ़ाई पूरी करेंगे उनको भी पीएचडी करने का अवसर प्राप्त हो जाएगा।
जल्द ही इस एसओपी को लागू किया जाएगा। इस संबंध में शनिवार को विवि के डीन और अन्य पदाधिकारियों के साथ दिल्ली के शिक्षकों के साथ आनलाइन बैठक भी हुई थी। जिसमें इस एसओपी की सराहना की गयी थी और इसे अन्य विवि को भी लाभ मिलने की बात कही गयी थी।
विद्यार्थियों को वेबसाइट से मिल जाएगी विषय की जानकारी
रांची विश्वविद्यालय में पहले पीएचडी करने की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी परेशानी होती थी कि हम कौन से विषय पर शोध करें। विषय के टकराने की गुंजाइश सबसे अधिक रहती थी। नए रेगुलेशन और विवि प्रशासन की तैयारी के बाद अब ऐसा नहीं होगा।
किस विषय पर कौन शोध कर रहा है इसकी जानकारी शोधार्थी को रांची विवि के वेबसाइट पर मिल जाएगा। जिसके बाद वो अपने अनुसार अपना शोध का विषय तय कर लेगा। इससे विद्यार्थियों को शोध समय से पूरा करने में सहायता मिलेगी।
विभागाध्यक्ष अब बताएंगे विद्यार्थियों को गाइड
शोध करने वाले विद्यार्थियों को पहले गाइड की जानकारी के लिए विभागों के चक्कर काटने पड़ते थे। इसके बाद भी गाइड की जानकारी नहीं मिल पाती थी। लेकिन अब रांची विश्वविद्यालय में ऐसा नहीं होगा।
अब भविष्य में सभी विभागों के विभागाध्यक्ष ही शोध करने वाले विद्यार्थियों को गाइड की जानकारी प्रदान करेंगे। इसको भी लागू करने की तैयारी चल रही है। अब विद्यार्थियों को गाइड की समस्या नहीं होगी।
स्नातक करने वाले भी कर सकेंगे पीएचडी
अब स्नातक करने वाले विद्यार्थी भी पीएचडी कर सकेंगे। लेकिन ये केवल चार वर्षीय पाठ्यक्रम पूरा करने वाले विद्यार्थियों पर ही लागू होगी। वहीं चार वर्ष का कोर्स पूरा करने और कम से कम 75 प्रतिशत अंकों के साथ उन्हें पास होना जरूरी है। वहीं एसटी, एससी और ओबीसी विद्यार्थियों को पांच प्रतिशत की छूट मिलेगी।
गाइड की योग्यता भी हो गयी है तय
इसके अलावा पीएचडी करवाने वाले गाइड की योग्यता भी इसमें तय की गयी है। इसमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर का पीएचडी होना आवश्यक है और कम से कम उनके नाम से पांच रिसर्च पब्लिकेशन होना आवश्यक है।
इसके अलावा असिस्टेंट प्रोफेसर का भी पीएचडी होना और कम से कम तीन रिसर्च पब्लिकेशन होना आवश्यक है। इसके अलावा प्रोफेसर 8, एसोसिएट प्रोफेसर 6 और असिस्टेंट प्रोफेसर 4 विद्यार्थियों को ही पीएचडी करवा सकेंगे।









