मुंबई
भारतीय शेयर बाजार में ओपनिंग के साथ ही भूचाल नजर आया है. अमेरिका-ईरान में जंग बढ़ने के बीच जहां एशियाई बाजारों में गिरावट देखने को मिली, तो वहीं सेंसेक्स-निफ्टी खुलते ही बिखर गए. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 600 अंक से ज्यादा फिसलकर कारोबार कर रहा था, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 150 अंक से ज्यादा फिसल गया था।
खासतौर पर बैंकिंग इंडेक्स में तबाही मची हुई नजर आई और ये 1 फीसदी से ज्यादा फिसल गया. वहीं, बैंकिंग शेयरों की बात करें, तो HDFC Bank, Kotak Bank से लेकर Axis Bank तक के शेयर 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।
Sensex-Nifty खुलते ही धड़ाम
शेयर मार्केट में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 78,151.45 की तुलना में फ्लैट ओपन हुआ, लेकिन अगले ही पल इसमें जोरदार गिरावट आ गई और महज पांच मिनट के कारोबार में ही ये फिसलकर 77,542 के लेवल पर आ गया. इसमें 600 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट आई।
एनएसई का निफ्टी भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता हुआ दिखाई दिया. ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले बंद 24,334.30 की तुलना में गिरावट लेते हुए 24,190 पर खुला और फिर फिसलकर 24,149 पर आ गया. इसमें 150 अंक से अधिक की गिरावट देखने को मिली।
HDFC, Axis ताश के पत्तों की तरह बिखरे
सप्ताह के पहले दिन शेयर मार्केट क्रैश (Stock Market Crash) में सबसे अहम रोल बैंकिंग शेयरों ने निभाया. बीते सप्ताह जोरदार रिजल्ट पेश करने वाले ज्यादातर बैंकों के स्टॉक ताश के पत्तों की तरह बिखरे हुए नजर आए. बीएसई लार्जकैप में खबर लिखे जाने तक Axis Bank Share (5.30%), HDFC Bank Share (4.90%), Kotak Bank Share (3.20%) की गिरावट लेकर ट्रेड कर रहे थे।
मिडकैप कैटेगरी में शामिल Yes Bank Share (3.50%) की गिरावट में कारोबार कर रहा था, तो वहीं Federal Bank, AU Bank जैसे शेयर भी रेड जोन में नजर आए.
बाजार में गिरावट के ये भी कारण
जहां बैंकिंग शेयर क्रैश (Banking Stock Crash) ने शेयर बाजार में गिरावट को सपोर्ट किया, तो वहीं सेंसेक्स-निफ्टी के फिसलने के और भी कारण सामने आए हैं. इनका कनेक्शन मिडिल ईस्ट से जुड़ा हुआ है।
दरअसल, अमेरिका और ईरान में जंग तेज हो गई है और दोनों ओर से दनादन हमले किए जा रहे हैं. इस बीच जहां ईरान ने होर्मुज बंद कर दिया है, तो वहीं अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नाकाबंदी का ऐलान किया है और इन सबके बीच कच्चे तेल की कीमतों में आग लगी हुई है. खबर लिखे जाने तक Brent Crude Oil Price 90 डॉलर प्रति बैरल के पार कारोबार कर रहा था और तेल में उबाल ने दुनिया में महंगाई का खौफ फिर से बढ़ाने का काम किया है।
ग्लोबल टेंशन बढ़ने का असर एशियाई शेयर बाजारों में भी देखने को मिला. शुरुआती कारोबार में ही जापान का निक्केई इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा, तो साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 3 फीसदी से ज्यादा फिसल गया था. गिफ्ट निफ्टी भी 100 अंक से ज्यादा की गिरावट लेकर कारोबार कर रहा था, जिससे भारतीय बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा।









