लुधियाना.
लड़खड़ाती प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी आदेशों की नाफरमानी पर प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। ड्रग एंड सोशियो इकोनॉमिक सेंसस ड्यूटी की मैपिंग और ट्रेनिंग के लिए बुलाई गई अहम मीटिंग में शामिल न होने वाले स्कूल अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशासन ने अब सीधे तलब किया है।
एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) लुधियाना ने इस गैर-हाजिरी का गंभीर नोटिस लेते हुए जिला शिक्षा अफसर सेकेंडरी और प्राइमरी को लिखित आदेश जारी कर 15 जुलाई को गैर-हाजिर रहने वाले सभी स्टाफ की पर्सनल हियरिंग (निजी सुनवाई) सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ड्रग एंड सोशियो इकोनॉमिक सेंसस का काम बेहद महत्वपूर्ण होने के कारण संबंधित स्कूल स्टाफ की मैपिंग और ट्रेनिंग के लिए 13 और 14 जुलाई को एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) के दफ्तर में एक मीटिंग रखी गई थी।
इस संबंध में पहले भी 10 जुलाई को एक पत्र के जरिए सूचित किया गया था कि जो कर्मचारी बीएलओ (बीएलओ) या एसआईआर (एसआईआर) ड्यूटी पर हैं, केवल उन्हें ही ऑर्डर पेश करने पर छूट मिलेगी। लेकिन हैरानी की बात रही कि दोनों दिन लिस्ट में शामिल स्कूलों का कोई भी कर्मचारी मीटिंग में हाजिर नहीं हुआ। इस पर एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) ने कड़ा एतराज जताया है। इस काम के लिए प्रसाशन द्वारा 256 अध्यापकों की ड्यूटी लगाई गई गई।
पक्ष स्पष्ट न करने पर सरकार को लिखी जाएगी कार्रवाई
प्रशासन ने अब आखिरी मौका देते हुए आदेश दिया है कि लिस्ट में शामिल सभी अधिकारी और कर्मचारी 15 जुलाई को सुबह 11:00 बजे एडिशनल डिप्टी कमिश्नर (शहरी विकास) दफ्तर में व्यक्तिगत रूप से हाजिर होकर ड्यूटी जॉइन न करने का अपना पक्ष स्पष्ट करें। कोई कर्मचारी हाजिर नहीं होता है, तो उसके खिलाफ बनती आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सरकार को पत्र लिख दिया जाएगा। इसके बाद जिला शिक्षा अफसर (सेकेंडरी शिक्षा) लुधियाना ने भी समूह स्कूल प्रमुखों को पत्र जारी कर इन आदेशों की इन-बिन पालना करने और स्टाफ को पाबंद करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।









