पंजाब की महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचीं 2 लाख शिकायतें, हजारों मामलों का हुआ समाधान

चंडीगढ़.

महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की शिकायतों के त्वरित और संवेदनशील निस्तारण के लिए पंजाब पुलिस की ओर से शुरू की गई महिला हेल्प डेस्क व्यवस्था का दायरा लगातार बढ़ रहा है। पंजाब पुलिस के अनुसार राज्य के सभी 424 पुलिस थानों में स्थापित महिला हेल्प डेस्क पर अब तक महिलाओं और बच्चों से जुड़े अपराधों की 2 लाख 31 हजार 677 शिकायतें प्राप्त हुई हैं।

पुलिस का कहना है कि इस पहल से महिलाओं के लिए थानों का वातावरण पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित, सहज और भरोसेमंद बना है। पंजाब पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी 424 पुलिस थानों में कुल 848 महिला मित्र तैनात की गई हैं। इनमें 39 विशेष उद्देश्य वाले पुलिस थाने भी शामिल हैं। इन महिला मित्रों की जिम्मेदारी पीड़ितों की शिकायतों को संवेदनशील तरीके से सुनना, उन्हें उचित मार्गदर्शन देना और संबंधित मामलों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है।

जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग को मजबूत किया
उन्होंने कहा कि जेंडर सेंसिटिव पुलिसिंग की अवधारणा को मजबूत करने के लिए महिला हेल्प डेस्क को विशेष रूप से विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाएं और बच्चे बिना किसी झिझक के अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उन्हें आवश्यक सहायता समय पर मिल सके। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, एक जनवरी 2023 से 30 जून 2026 के बीच पंजाब शिकायत निस्तारण पोर्टल पर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों से संबंधित 1 लाख 33 हजार 152 शिकायतें दर्ज की गईं। इनमें से 99 हजार 692 शिकायतों, यानी लगभग 74.8 प्रतिशत मामलों, का निस्तारण महिला मित्रों ने किया। पुलिस का कहना है कि यह आंकड़ा महिला हेल्प डेस्क की सक्रिय भूमिका और प्रभावी कार्यप्रणाली को दर्शाता है।

महिला मित्रों की तैनाती से मिला फायदा
पंजाब पुलिस का दावा है कि महिला मित्रों की तैनाती से पीड़ितों और पुलिस के बीच संवाद बेहतर हुआ है। इससे महिलाओं और बच्चों को अपनी शिकायतें रखने में अधिक सहजता महसूस हो रही है। साथ ही कई मामलों में प्रारंभिक स्तर पर ही आवश्यक सहायता और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। महिला हेल्प डेस्क से घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, छेड़छाड़, बच्चों के खिलाफ अपराध और अन्य संवेदनशील मामलों में पीड़ितों को प्राथमिक सहायता देने के साथ-साथ संबंधित कानूनी प्रक्रिया की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि पीड़ितों को विश्वास और सहयोग का माहौल उपलब्ध कराना भी है।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786