चंडीगढ़
लुधियाना में बारिश से रोड दो फाड़ हो गई। चंडीगढ़ में शनिवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है। हिमाचल के किन्नौर में हवा में लटका वैली ब्रिज ढह गया। चंडीगढ़ में बीती रात से बारिश हो रही है। अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे पर भांखरपुर के पास घग्गर नदी में मछली पकड़ने गए मनीमाजरा के तीन दोस्त तेज बहाव में फंस गए। इनमें से दो लोग बह गए, जबकि तीसरा किसी तरह झाड़ियों को पकड़कर बच गया।
हिमाचल में भी लगातार तेज बारिश हो रही है। किन्नौर में हवा में लटका वैली ब्रिज रात में ढह गया। इससे सांगला घाटी का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बीते शुक्रवार को भारी बारिश के बाद ब्रिज के निचले हिस्से से लैंडस्लाइड हो गया था। इससे ब्रिज हवा में लटका था।
हर दिन बदल रहे मौसम के कारण तापमान कम अधिक हो रहा है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.4 डिग्री कम रहा। वहीं, न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्यिस रहा, जो सामान्य से 4.4 डिग्री कम रहा।
बारिश के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले लोगों को सबसे अधिक समस्या का सामाना करना पड़ा। उधर, हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश और ट्राईसिटी में चार दिन हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर है।
हादसों के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है। वहीं, घग्गर समेत नदी-नालों के किनारे जाने पर रोक लगा दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब के 15 जिलों में आज बारिश होने की संभावना है। हिमाचल से सटे पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। गुरदासपुर, नवांशहर, फतेहगढ़ साहिब, पटियाला, मोहाली, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, बरनाला और संगरूर में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।
चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पंजाब के औसत अधिकतम तापमान में 0.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन यह अभी भी सामान्य के आसपास बना हुआ है। राज्य का सबसे अधिक तापमान बठिंडा में 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
शुक्रवार सुबह 6 बजे से शाम 5:30 बजे तक चंडीगढ़, बठिंडा, फाजिल्का, होशियारपुर और पठानकोट समेत कई इलाकों में बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा 25.5 मिमी बारिश फाजिल्का में हुई। इसके अलावा बठिंडा में 3.0 मिमी और चंडीगढ़ शहर में 1.7 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
1 को बचाने के चक्कर में 3 डूबे
घग्गर नदी में बहने लों की पहचान मनीमाजरा निवासी सुरिंदर और दर्शन के रूप में हुई है, जबकि बचने वाले का नाम चंदा है। तीनों शनिवार सुबह करीब 8 बजे ऑटो से नदी किनारे पहुंचे थे और पानी में जाल डालकर मछली पकड़ रहे थे।
इसी दौरान पहले दर्शन का पैर फिसल गया और वह बहने लगा। उसे बचाने के लिए सुरिंदर भी पानी में उतरा, लेकिन तेज बहाव के कारण वह भी बह गया। तीसरे साथी चंदा ने दोनों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हो सका और खुद झाड़ियों का सहारा लेकर बाहर निकला।
घटना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। मुबारिकपुर पुलिस चौकी के अनुसार, शनिवार देर शाम तक दोनों का कोई सुराग नहीं मिला था।
सिरमौर में NH पर लैंडस्लाइड, गाड़ियां दबीं
सिरमौर में पांवटा-राजवन-शिलाई-रोहड़ू एनएच पर भी पहाड़ दरक गया। इससे हाईवे पर वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। प्रदेश में भी लैंडस्लाइड से लगभग 320 सड़कें और 200 से ज्यादा बिजली के ट्रांसफॉर्मर भारी बारिश के कारण बंद हैं।
बारिश से बिजली की मांग घटी
राज्य में शुक्रवार को बिजली की मांग 13,981 मेगावाट रही, जबकि राज्य को 9,858 मेगावाट बिजली आवंटित थी। इसके मुकाबले पंजाब ने 9,643 मेगावाट बिजली केंद्र से ली, यानी तय आवंटन से 185 मेगावाट कम बिजली की खपत हुई। जबकि खुद 4,420 मेगावाट बिजली बनाई गई।
12 जुलाई के बाद बारिश कम होगी
मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के निदेशक सुरेंद्र पाल के मुताबिक, 11 और 12 जुलाई को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां फिर कम हो जाएंगी और केवल छिटपुट स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। वहीं 10 से 13 जुलाई के बीच राज्य के कुछ इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना जताई गई है।
मानसून कमजोर पड़ने से उमस बढ़ेगी
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य में बारिश का दौर अब कमजोर पड़ने की संभावना है। निम्न दबाव क्षेत्र के कमजोर होने और मानसून ट्रफ के हिमालय की तराई की ओर खिसकने से 11 जुलाई से राज्य में बारिश की गतिविधियां कम हो जाएगी। अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन व्यापक या भारी बारिश की संभावना फिलहाल कम है। बारिश में कमी आने के साथ राज्य में तापमान और उमस बढ़ सकती है।









