OPS पर सरकार का बड़ा फैसला, इन सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा पुरानी पेंशन स्कीम चुनने का विकल्प

नई दिल्ली

पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) का इंतजार कर रहे कई कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। ओपीएस की बहाली की मांग लंबे समय कर्मचारी कर रहे हैं लेकिन केंद्र सरकार अब तक इस पर राजी नहीं हुई है। अब सरकार के फैसले के बाद कुछ कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम चुनने का मौका मिल रहा है। इसकी शुरुआत वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने कर दी है। माना जा रहा है कि अब दूसरे केंद्रीय स्वायत्त संस्थान (Central Autonomous Bodies) भी इसी रास्ते पर चल सकते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या अब दूसरे केंद्रीय संस्थानों के कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन का फायदा मिल सकता है?

ये कर्मचारी चुन सकेंगे पुरानी पेंशन स्कीम
पुरानी पेंशन स्कीम को लेकर केंद्र सरकार के फैसले पर अब वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने भी मुहर लगा दी है। इसके बाद ऐसे कर्मचारियों को राहत मिलने का रास्ता खुल गया है, जिन्हें अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) के तहत नौकरी मिली थी। अनुकंपा नियुक्ति वह नौकरी होती है, जो किसी सरकारी कर्मचारी की सर्विस के दौरान मृत्यु हो जाने या कुछ मामलों में स्थायी रूप से अक्षम होने पर उसके आश्रित परिवार के सदस्य को आर्थिक सहायता के मकसद से दी जाती है। यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए है, जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी नौकरी 1 जनवरी 2004 के बाद लगी। क्योंकि उस समय तक नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) लागू हो चुका था, इसलिए उन्हें NPS के तहत शामिल कर दिया गया था।

अब केंद्र सरकार ने ऐसे पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन स्कीम चुनने का विकल्प देने का फैसला किया है। CSIR ने 7 जुलाई 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम (Office Memorandum) के जरिए इस फैसले को अपने सभी लैब, संस्थानों और इकाइयों में लागू करने के निर्देश दिए हैं।

दरअसल, इस फैसले की शुरुआत 22 जून 2026 को कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के एक पत्र से हुई थी। इसमें साफ कहा गया था कि जिन परिवार के सदस्य ने 12 दिसंबर 2003 या उससे पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, उन्हें संबंधित मंत्रालय या विभाग पुरानी पेंशन स्कीम का विकल्प दे सकता है।

इससे पहले मार्च 2023 में केंद्र सरकार ने उन कर्मचारियों को एक बार के लिए ओपीएस चुनने का मौका दिया था, जिनकी भर्ती की प्रक्रिया 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हो गई थी, लेकिन नियुक्ति बाद में हुई। हालांकि, उस समय अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारियों को यह सुविधा नहीं मिली थी।

अब CSIR के इस कदम को दूसरे केंद्रीय स्वायत्त संस्थानों (CABs) के लिए भी मिसाल माना जा रहा है। हालांकि, यह फैसला अपने आप सभी संस्थानों पर लागू नहीं होगा। हर स्वायत्त संस्थान को अलग से केंद्र सरकार के इस आदेश को अपनाना होगा। इसके बाद ही वहां काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को OPS का विकल्प मिल सकेगा।

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