चंडीगढ़
भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। उनकी नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बिना कोई निर्देश जारी किए मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई तक स्थगित कर दी।
भुल्लर ने एक बार फिर जमानत की मांग को लेकर हाई कोर्ट का रुख किया है। इससे पहले हाई कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे शीर्ष अदालत ने 10 अप्रैल को खारिज कर दिया था।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में भुल्लर को यह छूट दी थी कि यदि दो महीने के भीतर उनके खिलाफ मामले का ट्रायल शुरू नहीं होता है तो वे दोबारा जमानत के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकते हैं। इसी आधार को बनाते हुए भुल्लर ने अब फिर से हाई कोर्ट में नियमित जमानत याचिका दाखिल की है।
भुल्लर का दावा, जांच हो चुकी है पूरी
याचिका में भुल्लर ने कहा है कि मामले की जांच पूरी हो चुकी है और पुलिस की ओर से चालान भी अदालत में पेश किया जा चुका है। उनका तर्क है कि इस मामले के अधिकांश गवाह सरकारी अधिकारी हैं और वह स्वयं भी निलंबित चल रहे हैं, ऐसे में उनके द्वारा गवाहों को प्रभावित करने या साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है।
निर्धारित अवधि में ट्रायल नहीं हुआ शुरू
भुल्लर की ओर से यह भी दलील दी गई है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई छूट के बावजूद निर्धारित अवधि में ट्रायल शुरू नहीं हो पाया है, इसलिए उन्हें नियमित जमानत का लाभ दिया जाना चाहिए।
दूसरी ओर, मामले में अभी हाई कोर्ट ने कोई अंतरिम राहत देने से इनकार करते हुए सुनवाई को 7 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया है।









