ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को 'मन और मानसिक स्थिति' का कारक माना गया है, जबकि केतु को एक छाया ग्रह माना जाता है जो भ्रम, वैराग्य और अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव को दर्शाता है. जब चंद्रमा और केतु की युति (मिलन) होती है, तो इसे ज्योतिष में 'ग्रहण योग' कहा जाता है.
द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 जून की सुबह जब चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, तो वहां पहले से मौजूद केतु के साथ मिलकर यह चुनौतीपूर्ण योग बनाएंगे. चूंकि चंद्रमा बहुत तेजी से गोचर करते हैं, इसलिए यह मानसिक धुंध या अशांति का प्रभाव अस्थाई होता है, लेकिन कुछ राशियों को इस दौरान बेहद सतर्क रहने की जरूरत होगी. सिंह राशि में बनने वाले इस ग्रहण योग के कारण मुख्य रूप से इन राशियों को परेशानी या नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
वृषभ राशि (Taurus)
आपकी राशि के लिए यह युति चौथे भाव (सुख, माता और वाहन के भाव) में हो रही है. घरेलू मोर्चे पर बेवजह का तनाव या अशांति का माहौल बन सकता है. माता की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है. वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें. संपत्ति या कानूनी कागजात पर बिना पढ़े हस्ताक्षर न करें. कड़वे शब्दों के इस्तेमाल से बचें.
सिंह राशि (Leo)
यह ग्रहण योग आपकी ही राशि के प्रथम भाव (लग्न) में बनने जा रहा है, जिसका सीधा असर आपके स्वभाव और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ेगा. मन में अचानक झुंझलाहट, अज्ञात भय या उदासी महसूस हो सकती है. एकाग्रता भंग होने से कार्यक्षेत्र में कोई बड़ी चूक हो सकती है. आज के दिन कोई भी बड़ा आर्थिक निवेश या वित्तीय जोखिम उठाने से पूरी तरह बचें. वाणी पर नियंत्रण रखें ताकि करीबियों से रिश्ते न बिगड़ें.
मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के जातकों के लिए चंद्रमा और केतु की यह युति आठवें भाव (अष्टम भाव) में होने जा रही है, जिसे ज्योतिष में अचानक होने वाली घटनाओं और संकट का भाव माना जाता है. मन के भीतर एक अजीब सी छटपटाहट, वहम या मानसिक अशांति रह सकती है. काम में अचानक अड़चनें या देरी आ सकती है. आज किसी को बड़ा उधार देने या नया कर्ज लेने से बचना चाहिए.
मीन राशि (Pisces)
आपकी राशि से यह गोचर छठे भाव (रोग, ऋण और शत्रु के भाव) में होगा. मौसमी बीमारियां या पेट से जुड़ी दिक्कतें परेशान कर सकती हैं. पुराने कर्ज या खर्चों को लेकर मानसिक तनाव बढ़ सकता है. गुप्त शत्रुओं या पीठ पीछे बात करने वालों से सतर्क रहें. आर्थिक मामलों में कोई भी कदम बेहद सोच-समझकर उठाएं.
ग्रहण योग के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय
– इस दौरान भगवान शिव की आराधना करें या 'ऊं नमः शिवाय' मंत्र का मानसिक जाप करें.
– आज के दिन जल या सात प्रकार के अनाज (सप्तधान्य) का दान करना आपके संकटों को कम करने में मददगार साबित होगा.









