बिहार के संस्कृत विद्यालयों के लिए बनेगी नई SOP, जुलाई तक जारी होने की संभावना

पटना.

प्रदेश के संस्कृत स्कूलों के संचालन को ले शिक्षा विभाग मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रहा है। संस्कृत विद्यालय अब एसओपी के माध्यम से ही संचालित होंगे। इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने संस्कृत शिक्षा बोर्ड के दफ्तर को इंटर मीडिएट कांउसिल भवन में स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।

संस्कृत स्कूलों को ले बन रहे एसओपी के बारे में मिली जानकारी के अनुसार यह व्यवस्था की जा रही कि सब कुछ डिजिटल मोड में उपलब्ध हो। अभी संस्कृत स्कूलों के बारे में एक जगह सभी जानकारी नहीं है।

आसानी से मिलेगी जानकारी
कुछ सूचनाएं संस्कृत शिक्षा बोर्ड के पास है और कुछ सचिवालय में। एसओपी के तहत अब संस्कृत स्कूलों को कितना अनुदान मिला और विद्यालय का संचालन कहां हो रहा यह जानकारी सहजता से मिल सकेगी। अभी यह मालूम करने में परेशानी है कि संस्कृत स्कूल बीच में ही कहां-कहां बंद हो गए। जो राजकीय संस्कृत संचालित हो रहे थे उनमें बहुतों के बंद होने की सूचना विभाग को मिलती रहती है पर विभाग के पास इसका विस्तृत ब्योरा उपलब्ध नहीं रहता। जो एसओपी बनाया जा रहा उसके हिस्से में यह जानकारी भी रहेगी कि कितने संस्कृत विद्यालय सही तरीके से संचालित हो रहे।

एसओपी के माध्यम से यह गाइडलाइन उपलब्ध कराया जाएगा कि कब किस विद्यालय को अनुदान मिलना है। संस्कृत स्कूलों के शिक्षकों के वेतन भुगतान की प्रक्रिया भी इसके माध्यम से नियमित की जाएगी। जिस संस्कृत विद्यालय में शिक्षकों की संख्या छात्रों के लिहाज से काफी कम है वहां आने वाले समय में नियुक्ति की प्रक्रिया भी आरंभ होगी। शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जुलाई तक एसओपी के आने की उम्मीद है।

 

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