अमृतसर.
शहर में एल.पी.जी. सिलैंडरों की सप्लाई को लेकर गहरा संकट खड़ा हो गया है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि उपभोक्ताओं को 25 से 45 दिनों तक सिलैंडर का इंतजार करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या ने आम आदमी की रसोई तक को ठप्प कर दिया है लेकिन प्रशासन अब भी मूक-दर्शक बना हुआ है।
गैस एजैंसियों के बाहर लंबी कतारें और बार-बार चक्कर काटते उपभोक्ता प्रशासन की नाकामी की गवाही दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि कई बार बुकिंग के बावजूद समय पर सिलैंडर नहीं मिल रहा जिससे रोजमर्रा का जीवन प्रभावित हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक सप्लाई चेन में भारी अव्यवस्था और विभागों के बीच तालमेल की कमी के कारण यह संकट और गहराता जा रहा है।
बावजूद इसके जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या को गंभीरता से लेने के बजाय इसे नजर-अंदाज कर रहे हैं। लगातार बिगड़ती गैस सप्लाई व्यवस्था ने प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो यह मुद्दा बड़े जन आंदोलन का रूप ले सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन पर होगी।
सीधे-सीधे सिस्टम की विफलता
समाज सेवक जय गोपाल लाली ने प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह सीधे-सीधे सिस्टम की विफलता है। उन्होंने कहा कि गैस जैसी जरूरी सुविधा का इस तरह बाधित होना बेहद चिंताजनक है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो जनता सड़कों पर उतरकर विरोध करेगी।
जिम्मेवार अधिकारियों पर हो करवाई
समाज सेवक विक्रम सिंह गिल ने कहा कि प्रशासन की ढीली कार्यशैली के कारण आम आदमी परेशान हो रहा है। उन्होंने मांग की कि गैस सप्लाई व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त किया जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
जनता का आक्रोश बढ़ना तय
ऑल इंडिया एंटी करप्शन मोर्चा के अध्यक्ष महंत रमेशानंद सरस्वती ने इस संकट को मानव जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि जब रसोई ही ठप्प हो जाए तो आम परिवार कैसे गुजारा करेगा। प्रशासन को चाहिए कि तुरंत हस्तक्षेप कर इस समस्या का स्थायी समाधान निकाले अन्यथा जनता का आक्रोश बढ़ना तय है।









