सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

सभी थानों की सीसीटीवी मॉनिटरिंग के लिए बने सेंट्रल डैशबोर्ड: मुख्यमंत्री

पुलिस की गोपनीय सूचनाओं और संचार सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा, हर जरूरी तकनीकी सुधार करें: मुख्यमंत्री

12 जनपदों में शुरू होगी डिजिटल वायरलेस सेवा, 47 करोड़ की कार्ययोजना

रिवर्स ऑक्शन से पुलिस रेडियो उपकरण खरीद में 1.23 करोड़ रुपये की बचत

डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में बनाने पर विचार

रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने पर भी हुई चर्चा

लखनऊ,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की पुलिस व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित तथा तकनीक आधारित बनाने के लिए पुलिस रेडियो विभाग को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस की लोकेशन, मूवमेंट और संचार गतिविधियों की गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी भी प्रकार की तकनीकी सेंधमारी की संभावना नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस रेडियो नेटवर्क को अत्याधुनिक तकनीकों से सशक्त किया जाए तथा दूरस्थ क्षेत्रों तक निर्बाध संचार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी पुलिस थानों की सीसीटीवी फुटेज की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक सेंट्रल डैशबोर्ड विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे कानून व्यवस्था की निगरानी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी। 

मुख्यमंत्री ने बेहतर पर्यवेक्षण और निगरानी के लिए विभागीय ढांचे को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। इस क्रम में डीआईजी रेडियो पूर्वी का मुख्यालय आजमगढ़ तथा डीआईजी रेडियो पश्चिमी का मुख्यालय अलीगढ़ में स्थापित किए जाने पर विचार किया गया। साथ ही रेडियो कार्मिकों की चरित्र पंजिका संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों के माध्यम से सत्यापित कराने तथा वायरलेस सेटों को निष्प्रयोजन घोषित करने से पहले तकनीकी परीक्षण सुनिश्चित करने पर भी चर्चा की गई।

बैठक में जानकारी दी गई कि गत वित्तीय वर्ष में संचार उपकरणों की खरीद के अंतर्गत थानों के लिए 275 फ्लैट बेस मास्ट, 5322 बैटरियां, 120 बैकपैक सेट तथा केबल, चार्जर और एंटीना सहित अन्य सहायक उपकरण खरीदे गए। आधुनिकीकरण योजना के अंतर्गत 50 पीए सिस्टम भी स्थापित किए गए। रिवर्स ऑक्शन प्रक्रिया अपनाने से उपकरणों की खरीद में लगभग 1.23 करोड़ रुपये की बचत हुई।

वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 47 करोड़ रुपये की लागत से 12 जनपदों में डिजिटल वायरलेस सेवाएं शुरू करने की योजना है। इसके अतिरिक्त मापक उपकरण, पोर्टेबल संचार के लिए 5जी फिल्टर, दूरस्थ थानों के लिए सेल्फ सपोर्टेड मास्ट तथा पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के लिए हैंड हेल्ड वायरलेस संचार व्यवस्था विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री ने विभागीय मानव संसाधन प्रबंधन को भी तकनीक आधारित बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि सभी कार्मिकों का डेटा मानव सम्पदा पोर्टल पर अद्यतन किया जाए तथा चरित्र पंजिका, अवकाश और अन्य सेवा संबंधी कार्य पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संचालित हों। उन्होंने कर्मचारियों को नवीनतम तकनीकों, कंप्यूटर प्रशिक्षण और संचार संदेशों की गुणवत्ता सुधार से संबंधित प्रशिक्षण दिए जाने पर भी विशेष बल दिया।

Recent Post

Live Cricket Update

You May Like This

error: Content is protected !!

4th piller को सपोर्ट करने के लिए आप Gpay - 7587428786