समझौते की सुगबुगाहट पर ट्रंप तैयार, शहबाज शरीफ ने जमकर लगाया ‘मक्खन’

नई दिल्ली

ईरान और अमेरिका के बीच समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि 60 दिनों के लिए युद्धविराम को बढ़ाया जा सकता है और इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी शुल्क के खुला रहेगा। इससे पहले, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान के साथ समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है और इसके अंतिम पहलुओं तथा विवरणों पर चर्चा चल रही है, जिसकी जल्द घोषणा की जाएगी। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप को बधाई देते हुए कहा कि उनके साथ फोन पर अच्छी चर्चा हुई है।

क्या बोले शहबाज शरीफ
शहबाज शरीफ ने कहा, डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, कतर, तुर्किए,एजिप्ट, यूएई, जॉर्डन और पाकिस्तान के साथ फोन पर बात की है। पाकिस्तान की ओर से फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने फोन पर बात की और इस पूरी प्रक्रिया में डोनाल्ड ट्रंप के अथक प्रयास को सराहा है। इस चर्चा में मध्य एशिया में शांति के प्रसायसों को लेकर सकारात्मक बातचीत की गई है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान अगले चरण की वार्ता के लिए प्रयास करता रहेगा।

होर्मुज से हटाई जाएँगी
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारी ने दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन का मसौदा साझा किया है। इसके तहत दोनों पक्ष 60 दिनों के लिए वैध समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करेंगे, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। इस अवधि में होर्मुज जलडमरूमध्य बिना किसी शुल्क के खुला रहेगा तथा ईरान वहां बिछाई गयी बारूदी सुरंगों को हटाने पर सहमत होगा, ताकि जहाजों की आवाजाही निर्बाध रूप से जारी रह सके।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाएगा और ईरान को तेल की स्वतंत्र बिक्री की अनुमति देने के लिए कुछ रियायतें देगा।रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि ईरान जितनी जल्दी होर्मुज जलडमरूमध्य से बारूदी सुरंगें हटाकर जहाजरानी बहाल करेगा, उतनी ही जल्दी नाकेबंदी समाप्त कर दी जाएगी। एक्सियोस ने बताया कि प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में ईरान की ओर से कभी परमाणु हथियार विकसित नहीं करने की प्रतिबद्धता, यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को निलंबित करने तथा उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडार को हटाने पर बातचीत करने का प्रावधान मिल है।

स्थिति के जानकार दो सूत्रों के हवाले से कहा गया कि ईरान ने मध्यस्थों के जरिए अमेरिका को संवर्धन कार्यक्रम निलंबित करने और परमाणु सामग्री छोड़ने को लेकर रियायतों के दायरे पर 'मौखिक आश्वासन' दिये हैं।

रिपोर्ट के अनुसार ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच पश्चिम एशिया में तैनात अमेरिकी सैन्य बल अगले 60 दिनों तक वहीं बने रहेंगे और यदि तेहरान अंतिम रूप से समझौता स्वीकार कर लेता है तो क्षेत्र से हट जाएंगे। एक्सियोस ने यह भी कहा कि अंतिम समझौता होने की स्थिति में अमेरिका 60 दिनों के भीतर ईरान की जमी हुई संपत्तियों को मुक्त करने पर चर्चा के लिए तैयार है। प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में हिज्बुल्ला और इजरायल के बीच सशस्त्र संघर्ष समाप्त करने का प्रावधान भी शामिल है।

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