पंजाब में गेहूं लिफ्टिंग को लेकर अफवाह का खंडन, केंद्र ने बताया: 234 ट्रेनें भेजी गईं, उत्पादन कम

चंडीगढ़ 

केंद्र सरकार ने पंजाब की मंडियों में भारी भीड़ और गेहूं की लिफ्टिंग न होने को झूठा करार दिया है। अब गेहूं लिफ्टिंग को लेकर केंद्र और सूबे की आप सरकार में तनातनी का माहौल हो गया है। 

इसके बावजूद मंडियों से गेहूं का उठाव पिछले साल से बेहतर है। इस साल अब तक 78.96 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उठान किया जा चुका है, जबकि पिछले साल इसी समय तक यह आंकड़ा 75.63 लाख मीट्रिक टन था। सरकार का कहना है कि आवक कम होने और उठान अधिक होने से यह स्पष्ट है कि इस बार मंडियों में पिछले साल की तुलना में भीड़ कम है और लिफ्टिंग की व्यवस्था ठीक है।

डायरेक्ट डिलवरी योजना से लिफ्टिंग तेज हुई
मंडियों में भीड़ कम करने के लिए इस बार सीधी डिलीवरी योजना चलाई गई। अप्रैल में सीधी डिलीवरी के जरिए 3.5 लाख मीट्रिक टन गेहूं निकाला गया। मई के लिए 6.6 लाख मीट्रिक टन और जून के लिए 8 लाख मीट्रिक टन की योजना बनाई गई है। केंद्र ने बताया कि आप सरकार के अनुरोध पर गेहूं सीजन में कुल 18 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सीधी डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है, जिससे मंडियों में गेहूं रखने की जगह कम न पड़े।

413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी
केंद्र सरकार ने बताया कि रेल मंत्रालय और एफसीआई पंजाब से गेहूं की निकासी के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन कर रहे हैं। अप्रैल में देशभर में चलीं 413 गेहूं स्पेशल ट्रेनों में से 234 अकेले पंजाब को दी गईं। इसी तरह मई में भी उपलब्ध 354 ट्रेनों में से 201 ट्रेनें पंजाब के हिस्से में आई हैं, जो कुल राष्ट्रीय आवागमन का लगभग 60 प्रतिशत है।

100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित
स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश व दक्षिण के राज्यों के लिए मई में 100 अतिरिक्त ट्रेनें पंजाब को आवंटित की गई हैं। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि वह जमीनी हालात पर नजर रखे हुए हैं और गेहूं की निर्बाध निकासी सुनिश्चित की जा रही है।

 

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